भारत
15 सदस्यों वाली UNSC में 5 स्थायी देश, भारत के सामने कई चुनौतियां
jantaserishta.com
27 Sept 2026 10:22 AM IST

x
नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UNSC में भारत की स्थायी सदस्यता की मांग को रूस का समर्थन मिला है। रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि सुरक्षा परिषद में एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका का प्रतिनिधित्व बढ़ाया जाना चाहिए। उन्होंने भारत और ब्राजील की स्थायी सदस्यता की दावेदारी का समर्थन करने की बात कही।
लावरोव ने सुरक्षा परिषद में पश्चिमी देशों की नई स्थायी सीटों को लेकर अलग रुख जाहिर किया। उन्होंने जर्मनी और जापान का नाम लेते हुए इन देशों की नीतियों पर सवाल उठाए। साथ ही उन्होंने कहा कि UNSC में सुधार करते समय मौजूदा स्थायी सदस्यों के अधिकार और शक्तियां कम नहीं की जानी चाहिए।
UNSC में अभी 15 सदस्य, 5 के पास स्थायी सीट
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य होते हैं। इनमें अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन पांच स्थायी सदस्य हैं। इन पांचों देशों के पास वीटो पावर है, जिसके जरिए वे परिषद के किसी प्रस्ताव को रोक सकते हैं।
बाकी 10 सदस्य गैर-स्थायी होते हैं और उनका कार्यकाल दो साल का होता है। इन सदस्यों का चुनाव संयुक्त राष्ट्र महासभा के जरिए किया जाता है।
भारत लंबे समय से सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता की मांग कर रहा है। भारत का तर्क है कि दुनिया की बड़ी आबादी और वैश्विक राजनीति व अर्थव्यवस्था में उसकी भूमिका को देखते हुए UNSC की मौजूदा संरचना में बदलाव जरूरी है।
भारत की स्थायी सदस्यता की मांग कितनी पुरानी है?
सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग कई वर्षों से संयुक्त राष्ट्र के एजेंडे में रही है। भारत ने भी 1990 के दशक से स्थायी सीट के लिए अपनी दावेदारी लगातार रखी है।
2010 में भारत ने ब्राजील, जर्मनी और जापान के साथ मिलकर G4 समूह बनाया। इस समूह का मुख्य उद्देश्य UNSC में स्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाने और इन चार देशों को स्थायी सदस्यता दिलाने के प्रयासों को आगे बढ़ाना है।
संयुक्त राष्ट्र में सुरक्षा परिषद सुधार को लेकर अंतर-सरकारी बातचीत अभी भी जारी है। हालांकि, परिषद के नए स्वरूप को लेकर सदस्य देशों के बीच अंतिम सहमति नहीं बन पाई है।
भारत की दावेदारी के पक्ष में दिए जाते हैं कई तर्क
भारत की स्थायी सदस्यता के समर्थक देश और विशेषज्ञ कई आधारों पर उसकी दावेदारी की बात करते हैं। भारत दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देशों में शामिल है और वैश्विक अर्थव्यवस्था में भी उसकी भूमिका लगातार बढ़ी है।
भारत परमाणु शक्ति संपन्न देश है और संयुक्त राष्ट्र के शांति अभियानों में भी लंबे समय से योगदान देता रहा है। समर्थकों का तर्क है कि सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी मौजूदगी से विकासशील देशों और ग्लोबल साउथ का प्रतिनिधित्व बढ़ सकता है।
कुछ अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और थिंक टैंकों ने भी भविष्य में UNSC विस्तार की स्थिति में भारत को संभावित प्रमुख दावेदारों में माना है।
स्थायी सदस्यता के रास्ते में चार बड़ी चुनौतियां
भारत की दावेदारी के बावजूद UNSC में बदलाव आसान नहीं है। सबसे बड़ी चुनौतियों में चीन का रुख शामिल है। भारत और चीन के बीच कई रणनीतिक और क्षेत्रीय मुद्दों पर मतभेद हैं।
दूसरी चुनौती G4 देशों की दावेदारी को लेकर दूसरे देशों की आपत्ति है। Uniting for Consensus यानी UfC समूह स्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ाने के बजाय गैर-स्थायी सीटों में वृद्धि का समर्थन करता है।
तीसरा मुद्दा अफ्रीकी देशों के प्रतिनिधित्व से जुड़ा है। अफ्रीकी देशों को कितनी सीटें मिलेंगी और उनका स्वरूप क्या होगा, इस पर भी बातचीत जारी है।
चौथी और सबसे जटिल बहस वीटो पावर को लेकर है। अगर नए स्थायी सदस्य बनाए जाते हैं तो क्या उन्हें मौजूदा पांच देशों की तरह वीटो अधिकार मिलेगा, यह सवाल अभी स्पष्ट नहीं है।
UNSC में बदलाव के लिए क्या जरूरी है?
सुरक्षा परिषद की संरचना बदलने के लिए संयुक्त राष्ट्र चार्टर में संशोधन करना होगा। इसके लिए महासभा में दो-तिहाई बहुमत के साथ सदस्य देशों की औपचारिक मंजूरी जरूरी है। इसके अलावा मौजूदा पांचों स्थायी सदस्यों की मंजूरी भी अहम है।
यानी रूस का समर्थन भारत की दावेदारी के लिए एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक बयान है, लेकिन भारत को स्थायी सदस्य बनाने का फैसला व्यापक अंतरराष्ट्रीय सहमति और UNSC सुधार की पूरी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा।
jantaserishta.com
भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।
Next Story





