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INDIA ब्लॉक का विरोध मार्च, राहुल गांधी और अखिलेश यादव पहुंचे सुप्रीम कोर्ट

SHIDDHANT
12 Oct 2026 7:51 PM IST
INDIA ब्लॉक का विरोध मार्च, राहुल गांधी और अखिलेश यादव पहुंचे सुप्रीम कोर्ट
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Delhi दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में INDIA ब्लॉक के विरोध मार्च के बीच विपक्षी गठबंधन ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव सहित विपक्षी गठबंधन के कई नेता सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। विपक्षी नेताओं की इस पहल के साथ निर्वाचन आयोग से जुड़ा विवाद अब न्यायिक प्रक्रिया तक पहुंच गया है।
निर्वाचन आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने INDIA ब्लॉक के अन्य नेताओं के साथ मिलकर निर्वाचन आयोग के खिलाफ याचिका दाखिल की है। इस याचिका में भारत निर्वाचन आयोग के अलावा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दो चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी को भी पक्षकार बनाया गया है। विपक्षी गठबंधन की ओर से उठाया गया यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि याचिका में निर्वाचन आयोग के साथ उसके शीर्ष अधिकारियों को भी पक्षकार बनाया गया है। हालांकि, याचिका में मांगी गई विशिष्ट राहत और सुनवाई की तारीख के संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
राहुल गांधी, प्रियंका और अखिलेश यादव पहुंचे
दिल्ली में आयोजित विरोध मार्च के दौरान कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के प्रमुख नेताओं की मौजूदगी देखने को मिली। राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी वाड्रा और अखिलेश यादव भी सुप्रीम कोर्ट पहुंचे। विपक्षी गठबंधन की इस पहल में कई राजनीतिक दलों की भागीदारी सामने आई है। INDIA ब्लॉक के नेताओं ने निर्वाचन आयोग से संबंधित मुद्दे को न्यायपालिका के समक्ष रखने का रास्ता अपनाया है।
मुख्य चुनाव आयुक्त समेत तीन अधिकारी पक्षकार
याचिका में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी को पक्षकार बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। किसी याचिका में पक्षकार बनाए जाने का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ आरोप न्यायालय में सिद्ध हो गए हैं। अब इस मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और अदालत के आदेश से ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इस मामले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान नाम हटाए जाने और कथित अनियमितताओं को भी चुनौती दी गई है। विपक्ष ने आयोग के संबंधित निर्णयों का रिकॉर्ड अदालत के सामने मंगाने की मांग की है।
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