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आयकर विभाग ने 'फॉर्म 141' शुरू किया, चार अलग-अलग टीडीएस फॉर्म का लेगा स्थान
jantaserishta.com
14 April 2026 2:26 PM IST

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नई दिल्ली: इनकम टैक्स विभाग ने फॉर्म 141 को शुरू किया है, यह एक कंसोलिडेटेड चालान-कम-स्टेटमेंट है, जो कि चार अलग-अलग टीडीएस फॉर्म का स्थान लेगा। यह नया फॉर्म, फॉर्म 26क्यूबी, फॉर्म 26क्यूसी, फॉर्म 26क्यूडी और फॉर्म 26क्यूई को मिलाकर बनाया गया है, जिनका उपयोग पहले क्रमशः संपत्ति की खरीद पर टीडीएस, किराए पर टीडीएस, ठेकेदारों या पेशेवरों को किए गए भुगतान पर टीडीएस और वर्चुअल डिजिटल एसेट्स के हस्तांतरण पर टीडीएस दाखिल करने के लिए किया जाता था।
नए संशोधित नियमों के मुताबिक, फॉर्म 141 का उपयोग अब 50,000 रुपए प्रति महीने के भुगतान पर टीडीएस और 50 लाख रुपए की संपत्ति की खरीद पर टीडीएस जमा करने के लिए किया जा सकता है। इसके अलावा, इस फॉर्म का उपयोग उन व्यक्तियों या हिंदू अविभाजित परिवारों द्वारा एक वित्तीय वर्ष में 50 लाख रुपए से अधिक के पेशेवर, कमीशन या कॉन्ट्रेक्ट लेबर भुगतान की रिपोर्ट करने के लिए किया जा सकता है जो टैक्स ऑडिट के अधीन नहीं हैं।
कुछ निश्चित स्तरों के अधीन, क्रिप्टोकरेंसी या एनएफटी जैसी वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (वीडीए) के लिए किए गए भुगतान भी अनुसूची डी में दिए गए फॉर्म के अंतर्गत आते हैं। फॉर्म भरने वाले करदाताओं को कटौतीकर्ता और कटौती प्राप्तकर्ता के पैन विवरण, पता, मोबाइल नंबर और दोनों पक्षों की ईमेल आईडी की आवश्यकता होगी।
सेवाओं की प्रकृति और भुगतान या हस्तांतरण के तरीके के आधार पर लेन-देन का विवरण भी आवश्यक है। फॉर्म 141 को ई-फाइलिंग पोर्टल पर पैन का उपयोग करके ई-पे टैक्स सेक्शन के अंतर्गत जरूरी अनुसूचियों का चयन करके भरा जा सकता है। फिर आवश्यक विवरण भर ऑनलाइन भुगतान और फॉर्म जमा करके और चालान-सह-विवरण डाउनलोड किया जा सकता है।
विश्लेषकों का कहना है कि फॉर्म 141 में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है - फॉर्म भरने की संख्या विक्रेताओं की संख्या से नहीं बल्कि खरीदारों की संख्या से तय होगी, क्योंकि अब एक ही फॉर्म में कई विक्रेताओं की जानकारी एक साथ दर्ज की जा सकती है।
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