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छात्रसंघ चुनाव को लेकर जारी है आंदोलन
दिल्ली। दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव की बहाली को लेकर जारी प्रदर्शन के बीच कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने छात्रों का समर्थन किया है। विश्वविद्यालय पहुंचे मसूद ने छात्रसंघ बहाल नहीं किए जाने पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि छात्रों के अधिकारों को दबाने की कोशिश की जा रही है।
छात्रों को बताया देश का भविष्य
प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच पहुंचे इमरान मसूद ने कहा, "मैं अपने बच्चों के लिए जान भी दे सकता हूं। ये मेरे बच्चे हैं और मेरे देश का भविष्य हैं। इनके अधिकारों को कुचलने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस सांसद ने छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुनने की जरूरत बताते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से सवाल किया कि आखिर छात्रसंघ की बहाली क्यों नहीं की जा रही है।
छात्रों के निष्कासन पर उठाए सवाल
इमरान मसूद ने विश्वविद्यालय से छात्रों को निष्कासित किए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि छात्रों को विश्वविद्यालय से निकाला गया है और उनके अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने पूछा कि छात्रसंघ बहाल करने में आखिर क्या परेशानी है और प्रशासन चुनाव कराने के लिए तैयार क्यों नहीं है।
छात्रसंघ चुनाव को लेकर जारी है आंदोलन
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र लंबे समय से छात्रसंघ चुनाव की बहाली की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों का कहना है कि विश्वविद्यालय में छात्र प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचित छात्रसंघ जरूरी है। इस मांग को लेकर छात्रों ने भूख हड़ताल भी शुरू की है। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन को छात्रसंघ बहाली और चुनाव कार्यक्रम पर स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए।
प्रशासन ने समिति बनाई, लेकिन आंदोलन जारी
विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रसंघ के संविधान का मसौदा तैयार करने और प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई की समीक्षा के लिए कदम उठाए हैं। हालांकि, छात्रों का कहना है कि जब तक चुनाव की तारीख घोषित नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। जामिया में छात्रसंघ चुनाव वर्ष 2006 से बंद हैं। इमरान मसूद ने इससे पहले भी कुलपति को पत्र लिखकर छात्रसंघ बहाल करने और छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई वापस लेने की मांग की थी।
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