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भारत पोलैंड संसदीय मित्रता समूह के साथ जयशंकर ने साझा किए विचार
Delhi दिल्ली। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भारत और पोलैंड के बीच संबंधों को मजबूत करने को लेकर अहम चर्चा की है। जयशंकर ने पोलैंड के वारसॉ में भारत-पोलैंड संसदीय समूह के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की और दोनों देशों के बीच आधुनिक दौर के संबंधों को आगे बढ़ाने के तरीकों पर विचार साझा किए। विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए जानकारी दी कि उन्होंने भारत-पोलैंड संसदीय समूह से मुलाकात की, जिसका नेतृत्व किंगा गाजेव्स्का कर रही थीं। बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग और भविष्य की साझेदारी को लेकर चर्चा हुई।
जयशंकर ने कहा कि बातचीत में भारत और पोलैंड के संबंधों को नए समय की जरूरतों के अनुसार मजबूत बनाने पर विचार किया गया। इसके साथ ही यूरोपीय संघ (EU) के साथ भारत के व्यापक संबंधों के संदर्भ में क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर भी चर्चा हुई। विदेश मंत्री ने भारत और पोलैंड के संसदीय मित्रता समूहों के बीच नियमित संवाद जारी रखने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह के आदान-प्रदान दोनों देशों के बीच समझ और सहयोग को और बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
भारत और पोलैंड के बीच लंबे समय से राजनयिक संबंध रहे हैं। दोनों देश व्यापार, निवेश, शिक्षा, तकनीक और रणनीतिक सहयोग के क्षेत्रों में संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं। पोलैंड यूरोप में भारत का एक महत्वपूर्ण साझेदार माना जाता है। यूरोपीय संघ के सदस्य देश के रूप में पोलैंड के साथ मजबूत संबंध भारत के लिए यूरोप के साथ व्यापक सहयोग को बढ़ाने में मददगार साबित हो सकते हैं। बैठक के दौरान वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ। वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में भारत और यूरोपीय देशों के बीच सहयोग को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जयशंकर की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब भारत यूरोपीय देशों के साथ अपने आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने पर लगातार जोर दे रहा है। भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार, सुरक्षा और तकनीकी सहयोग को लेकर भी बातचीत जारी है। विदेश मंत्री ने संसदीय संवाद को दोनों देशों के रिश्तों का अहम हिस्सा बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत-पोलैंड संसदीय समूहों के बीच नियमित संपर्क से द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा मिलेगी।
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