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Delhi दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के आर्थिक प्रभाव को लेकर अभी कोई निर्णायक बयान देने से इनकार किया है। IMF ने कहा कि इस समय यह अभी तय करना मुश्किल है कि क्षेत्रीय और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा।
IMF के प्रवक्ता ने कहा कि वर्तमान तनाव की स्थिति तेजी से बदल रही है, और इस वजह से निर्यात, आयात, तेल की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर संभावित प्रभाव का मूल्यांकन अभी जल्दबाजी होगी। उन्होंने बताया कि IMF सतत रूप से हालात पर नजर रख रहा है और आवश्यकतानुसार जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट जारी कर सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मध्य-पूर्व में जारी संघर्ष तेल और गैस की आपूर्ति, समुद्री व्यापार, और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि IMF ने फिलहाल यह स्पष्ट किया कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए किसी बड़े संकट का अनुमान अभी देना मुश्किल है, क्योंकि संकट का विस्तार और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया अभी स्पष्ट नहीं हुई है। IMF ने यह भी कहा कि मौजूदा समय में स्थिरता बनाए रखना महत्वपूर्ण है और सभी संबंधित देशों से आग्रह किया कि वे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश को प्रभावित करने वाले कदमों में सावधानी बरतें।
आर्थिक विश्लेषक भी इस बात पर सहमत हैं कि तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और समुद्री व्यापार में बाधा लंबे समय में क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर असर डाल सकती है। IMF ने अंततः कहा कि विकासशील और तेल-निर्भर अर्थव्यवस्थाओं के लिए विशेष सतर्कता जरूरी है, और वैश्विक वित्तीय संस्थाएं लगातार इस स्थिति पर नजर रख रही हैं।
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