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LPG सब्सिडी चाहिए तो आधार सत्यापन जरूरी, फर्जी कनेक्शनों पर शिकंजा

nidhi
20 Sept 2026 7:35 AM IST
LPG सब्सिडी चाहिए तो आधार सत्यापन जरूरी, फर्जी कनेक्शनों पर शिकंजा
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LPG उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर
New Delhi नई दिल्ली: सब्सिडी वाला घरेलू एलपीजी सिलिंडर लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक 1 अक्टूबर 2026 से सब्सिडी वाले घरेलू LPG रिफिल के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन (BAA) जरूरी होगा। जिन उपभोक्ताओं ने पहले ही सत्यापन पूरा कर लिया है, उन्हें दोबारा यह प्रक्रिया करने की जरूरत नहीं होगी।
सरकार का कहना है कि इस कदम का
उद्देश्य एलपीजी सब्सिडी
को वास्तविक और पात्र परिवारों तक पहुंचाना है। आधार से प्रमाणित उपभोक्ता के साथ प्रत्येक कनेक्शन जोड़ने से डुप्लीकेट और अपात्र कनेक्शनों की पहचान करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही घरेलू सब्सिडी वाले सिलिंडरों को व्यावसायिक या औद्योगिक इस्तेमाल के लिए डायवर्ट करने पर रोक लगाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
मंत्रालय के अनुसार देश के 27.43 करोड़ सक्रिय घरेलू LPG उपभोक्ताओं में 89.9 प्रतिशत बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन पूरा कर चुके हैं। इन ग्राहकों को अब कोई अतिरिक्त कार्रवाई नहीं करनी है। जिन उपभोक्ताओं का सत्यापन बाकी है, उन्हें सब्सिडी वाले रिफिल की सुविधा जारी रखने के लिए प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
उपभोक्ताओं को सत्यापन के लिए कई विकल्प दिए गए हैं। बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन सिलिंडर की डिलीवरी के समय किया जा सकता है। इसके अलावा LPG डिस्ट्रीब्यूटर के शोरूम पर जाकर भी प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। संबंधित तेल विपणन कंपनी के मोबाइल ऐप के माध्यम से भी सत्यापन की सुविधा उपलब्ध है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य किसी वास्तविक परिवार को LPG से वंचित करना नहीं है। आधार सत्यापन पूरा नहीं होने का मतलब गैस कनेक्शन बंद होना नहीं है, लेकिन उपभोक्ता को लागू सब्सिडी वाला रिफिल प्राप्त करने के लिए प्रमाणीकरण पूरा करना होगा।
फर्जी और डुप्लीकेट कनेक्शनों के खिलाफ सरकार पहले से कार्रवाई कर रही है। अगस्त 2025 में पेट्रोलियम मंत्रालय ने संसद में बताया था कि चार करोड़ से अधिक डुप्लीकेट LPG कनेक्शन निष्क्रिय किए जा चुके थे। सरकार के मुताबिक आधार आधारित सत्यापन और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण से सब्सिडी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने तथा ‘घोस्ट’ और एक से अधिक कनेक्शनों की पहचान करने में मदद मिली है। नई व्यवस्था के लागू होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं। ऐसे में जिन घरेलू LPG उपभोक्ताओं का बायोमेट्रिक आधार सत्यापन अभी तक पूरा नहीं हुआ है, उनके लिए इसे पूरा करना जरूरी होगा ताकि 1 अक्टूबर के बाद सब्सिडी वाले रिफिल लेने में परेशानी न आए।
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