अगर कांग्रेस सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को पीआर स्टंट मानती तो खुद नाम नहीं देती : अनिल शास्त्री

अनिल शास्त्री ने कहा कि पाकिस्तान के घर में घुसकर अटैक करना कोई साधारण घटना नहीं है। पाकिस्तान भी परमाणु संपन्न देश है, लेकिन हमारे प्रधानमंत्री को सेना पर भरोसा था। यह तभी संभव हो पाया।" पाकिस्तान पर हुई कार्रवाई पर शशि थरूर की मुखरता पर शास्त्री ने कहा, "पाकिस्तान के खिलाफ हुई कार्रवाई में सिर्फ शशि थरूर ही नहीं, बल्कि पूरी कांग्रेस पार्टी देश के साथ है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी सर्वदलीय बैठक में यह बात स्पष्ट कर दी थी।" उन्होंने कहा, "जब भी कोई लड़ाई होती है तो फौज ही बताती है कि हमें कितना नुकसान हुआ है और विपक्षी सेना को कितना नुकसान हुआ है। अगर राहुल गांधी नुकसान और उपलब्धि से संबंधित सवाल उठा रहे हैं, तो इसे देने में सरकार को हिचकिचाहट नहीं होनी चाहिए। वह देश के लिए ही मांग रहे हैं।"
शास्त्री ने कहा कि यदि कांग्रेस पार्टी को ऐसा लगता कि 'ऑपरेशन सिंदूर' की सफलता को बताने के लिए दुनिया के दूसरे देशों में प्रतिनिधिमंडल भेजना पीआर स्टंट है, तो फिर वह खुद सांसदों का नाम नहीं देती। यह सरकार का प्रतिनिधिमंडल है और सरकार ही यह तय करेगी कि इसमें कौन शामिल होगा। राजीव गांधी ने जब विदेश में प्रतिनिधिमंडल भेजा था, तो उसमें अटल बिहारी वाजपेयी भी शामिल थे। कांग्रेस को दिक्कत होती, तो वह अपने सांसदों को मना कर सकती थी। कांग्रेस नेता ने 2029 लोकसभा चुनाव में पार्टी की स्थिति पर कहा, "सबसे पहले कांग्रेस को संगठन मजबूत करना होगा। इसके बाद जन कल्याण के वे काम, जिन्हें करने में भारतीय जनता पार्टी विफल रही है, उसे जनता के बीच ले जाना होगा। अगर ऐसा कर पाती है, तो अगले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की स्थिति बेहतर होगी। बेहतर प्रदर्शन के लिए पार्टी को युवा, मेहनती और तेज तर्रार नेताओं को संगठन में जगह देनी होगी।"





