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'कल अखबार में आपकी फोटो छपवा दूंगा', जानिए पीएम मोदी ने विपक्ष को क्यों कहा ऐसा?

jantaserishta.com
16 April 2026 3:38 PM IST
कल अखबार में आपकी फोटो छपवा दूंगा, जानिए पीएम मोदी ने विपक्ष को क्यों कहा ऐसा?
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नई दिल्ली: संसद का विशेष सत्र आज गुरुवार से शुरू हो गया. बिल पेश होते सदन में हंगामा मच गया. कांग्रेस ने बिल पेश होते ही कहा कि सरकार संविधान को हाइजैक करना चाहती है.वहीं सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा कि जब तक मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण नहीं दिया जाएगा. तब इसका मतलब नहीं है. इस पर अमित शाह ने कहा- मुस्लिमों को धर्म के आधार पर आरक्षण गैर संवैधानिक है, अखिलेश यादव ने कहा- पूरा देश आधी आबादी को आरक्षण चाहता है. मैं जानना चाहता हूं कि मुस्लिम महिलाओं के लिए क्या. इस पर अमित शाह ने जवाब दिया कि समाजवादी पार्टी पूरी टिकटें मुस्लिम महिलाओं को दे दे, हमें कहां आपत्ति है. तीनों बिल सदन में पेश हो या नहीं, इसे लेकर वोटिंग कराई गई, जिसमें 207 वोट हां के पक्ष में हैं.

पीएम मोदी ने कहा कि- कुछ लोगों को लगता है, इसमें कहीं न कहीं मोदी का राजनीतिक स्वार्थ है. इसका अगर विरोध करेंगे तो स्वाभाविक है कि राजनीतिक लाभ मुझे होगा, अगर साथ चलेंगे तो किसी को भी नुकसान नहीं होगा. हमें क्रेडिट नहीं चाहिए जैसे ही पारित हो जाए तो मैं एड देकर सबको धन्यवाद देने तैयार हूं. सबकी फोटो छपवा देंगे. ले लो जी क्रेडिट. सामने से क्रेडिट का ब्लैंक चेक आपको दे रहा हूं.
हम भ्रम में न रहें, मैं और तुम की बात नहीं कर रहा हूं मैं कि हम देश की नारी शक्ति को कुछ दे रहे हैं. ये उनका हक है और हमने कई दशकों से उसको रोका है. आज उसका प्रायश्चित करके उस अपराध से मुक्ति पाने का अवसर है.
हम सब जानते हें कि कैसे चालाकी चतुराई की है. हम इसके पक्ष में ही हैं, लेकिन हर बार कोई न कोई टेक्निकल पूंछ लगाकर रोक दिया गया. लेकिन अब देश की नारी को नहीं समझा पाओगे.सदन में नंबर का खेल तो बाद में सामने आएगा. 3 दशक तक इसको फंसाकर रखा, जो करना था कर लिया। अब छोड़ दो न भाई। यहां कुछ लोगों को लगता है, इसमें कहीं न कहीं मोदी का राजनीतिक स्वार्थ है.
पीएम मोदी बोले- अगर आपको गारंटी चाहिए तो वो भी देता हूं. मैं कहना चाहूंगा कि यहां बैठकर हमें संविधान ने देश को टुकड़ों के रूप में सोचने का अधिकार ही नहीं दिया है. कश्मीर हो या कन्या कुमारी हम एक देश के रूप में ही इसे सोच सकते हैं. ये प्रक्रिया किसी के साथ अन्याय नहीं करेगी. भूतकाल में जो सरकार रहीं, जो उस समय से अनुपात चला आ रहा है उसमें भी बदलाव नहीं होगा. पीएम मोदी ने कहा किअगर गांरटी शब्द चाहिए तो मैं वह शब्द भी उपयोग करता हूं, वादा की बात करते हो तो उसे भी इस्तेमाल करता हूं. तमिल में कोई शब्द हो तो मैं उसे भी कहता हूं, क्योंकि जब नीयत साफ है तो शब्दों का खेल करने की जरूरत नहीं है.
पीएम मोदी ने कहा- पिछले दिनों जब हम 2023 में चर्चा कर रहे थे तब हर कोई कह रहा था कि इसे जल्दी करो. तब हमारे पास समय नहीं था. अब हम इसे 2029 में करने वाले हैं. इसलिए समय की मांग है कि हम और ज्यादा विलंब न करें. इस दौरान संविधान के जानकार लोगों से चचा्र की, सारा मंथन करते करते. यह सामने आया कि कुछ रास्ता निकालना होगा तब हम माता बहनों की शक्ति को जोड़ सकते हैं.
पीएम मोदी बोले- मैं अपील करने आया हूं कि इसको राजनीतिक तराजू से मत तौलिए. आज का यह अवसर एक साथ बैठकर एक दिशा में सोचकर विकसित भारत बनाने में खुले मन से स्वीकार करने का अवसर है. मैंने पहले भी कहा कि आज पूरा देश विशेषकर नारी शक्ति हमारे निर्णय तो देखेगी लेकिन उससे ज्यादा हमारी नीयत को देखेगी, इसलिए हमारी नीयत की खोट देश की नारी शक्ति कभी माफ नहीं करेगी.
पीएम मोदी ने अपनी स्पीच में विपक्ष को आइना दिखाया. उन्होंने कहा- 'हमारे देश में जब चुनाव आया है उसमें महिलाओं को मिलने वाले इस अधिकार का जिस जिसने विरोध किया है उसका हाल बुरा हुआ है. 2024 के चुनाव में ऐसा नहीं हुआ, क्योंकि किसी ने विरोध नहीं किया. आज भी मैं कहता हूं कि हम साथ जाते हैं तो इतिहास गवाह है कि ये किसी एक के पक्ष में नहीं जाएगा, ये देश के लोकतंत्र के पक्ष में जाएगा. हम सब उसके हकदार रहेंगे. इसलिए जिन को इसमें राजनीति की बू आ रही है वो खुद के परिणामों को देख लें. इसी में फायदा है जो नुकसान हो रहा है उससे बच जाओगे. इसलिए इसे राजनैतिक रंग देने की जरूरत नहीं है.
पीएम मोदी बोले- जब मैं संगठन का एक कार्यकर्ता था तब चर्चा होती थी कि देखिए ये कैसे लोग हैं, पंचायतों में आरक्षण आराम से दे देते हैं, लेकिन क्योंकि उनमें उनको खुद का पद जाने का डर नहीं लगता है. हम सुरक्षित हैं इसलिए दे दो. इसलिए पंचायत में 50 प्रतिशत तक पहुंच गए.
मैं एक और बात कहता हूं कि जिसने 30 साल पहले जिसने विरोध किया वह राजनीतिक गलियारों से नीचे नहीं गया, लेकिन ग्रास रूट पर आज वहीं बहनें वोकल हैं. लाखों बहनें जो काम कर चुकी हैं वे मुखरित हैं. वे कहती हैं कि हमें निर्णय प्रकि्रया में जोड़ो. जो संसद में होती है.
पीएम मोदी बोले- 'मैं यह मानता हूं कि विकसित भारत का मतलब सड़के रेल या संरचना से जुड़े आंकड़े नहीं हैं, लेकिन इसका मतलब नीति निर्धारण में देश की आधी आबादी हिस्सा बने यह भी है. हम पहले ही देर कर चुके हैं. इसे सभी को स्वीकार मानना होगा. जब हम अकेले मिलते हैं, तो यह मानते हैं कि हां ये जरूरी है, लेकिन जो राजनैतिक दिशा में ही सोचते हैं मैं उनहें एक सलाह देना चाहता हूं मित्र के रूप में, जो उनके काम आएगी.
पीएम मोदी ने कहा कि, हमारा सौभाग्य है कि हमें देश की आधी आबादी को राष्ट्र निर्माण की नीति बनाने की प्रक्रिया में शामिल होने का सौभाग्य मिल रहा है. हम सभी सांसद इस अवसर को जाने न दें. हम भारतीय सब मिलकर के देश को नई दिशा देने जा रहे हैं. हमारी शासन वयवस्था को संवेदनशीलता से भरने का एक सार्थक प्रयास करने जा रहे हैं. इस मंथन से जो अमृत निकलेगा वो देश की राजनीति की भी दशा दिशा तय करेगा.
पीएम मोदी ने परिसीमन बिल पर लोकसभा में अपनी बात रखनी शुरू की है. उन्होंने कहा - राष्ट्र के जीवन में कुछ बड़े पल आते हैं उस समय समाज की मनोस्थिति एक मजबूत धरोहर तैयार कर देती हैं. मैं समझता हूं संसद के इतिहास में ये वैसे ही पल हैं। आवश्यकता यही थी कि 25 से 30 साल पहले जब ये विचार सामने आया. जरूरत महसूस हुई तब इसे लागू कर देते और आज तक इसे परिपक्वता तक पहुंचा देते. हम मदर ऑफ डेमोक्रेसी रहे हैं। हमारी हजार साल की विकास यात्रा रही है.

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