भारत

हुमायूं कबीर का बड़ा ऐलान, राजनीति से संन्यास के संकेत, बोले- जनता सहमत हुई तो विधायक पद से दे दूंगा इस्तीफा

SHIDDHANT
7 Oct 2026 10:30 PM IST
हुमायूं कबीर का बड़ा ऐलान, राजनीति से संन्यास के संकेत, बोले- जनता सहमत हुई तो विधायक पद से दे दूंगा इस्तीफा
x
बंगाल: पश्चिम बंगाल की आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख हुमायूं कबीर ने राजनीति से जल्द दूरी बनाने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि अगर 10 हजार में से 6 हजार लोग उनके फैसले का समर्थन करते हैं तो वह विधायक पद से इस्तीफा दे देंगे। रेजीनगर में वोटिंग के दौरान पुलिस से हुई झड़प और गिरफ्तारी के बाद कबीर मीडिया के सामने भावुक नजर आए। उन्होंने विधानसभा नहीं जाने और मतगणना स्थल से भी दूर रहने की बात कही। साथ ही उन्होंने दावा किया कि मुर्शिदाबाद जिले की मुस्लिम बहुल सीट पर बीजेपी जीत दर्ज करेगी।
पुलिस से विवाद के बाद भावुक हुए हुमायूं कबीर
AJUP प्रमुख हुमायूं कबीर का यह बयान रेजीनगर में मंगलवार को मतदान के दौरान पुलिस के साथ हुई तीखी झड़प के एक दिन बाद सामने आया। इस घटना के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के अगले दिन मीडिया से बातचीत करते हुए कबीर भावुक दिखाई दिए और उन्होंने चुनावी राजनीति से हटने के संकेत दिए।
कबीर ने कहा कि वह विधायक के तौर पर मिलने वाले सम्मान को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं। उनका आरोप है कि बिना किसी अपराध के एक सब इंस्पेक्टर ने उनके साथ कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि वह चुनाव आयोग के नियमों का उल्लंघन करने या किसी तरह का विवाद खड़ा करने के लिए वहां नहीं गए थे।
पार्टी ऑफिस से हिरासत में लेने का दावा
हुमायूं कबीर ने बताया कि वह मतदान केंद्र के अंदर भी नहीं गए थे। उनके मुताबिक वह पार्टी कार्यालय में मौजूद थे और वहीं से उन्हें हिरासत में लिया गया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें करीब 12 घंटे तक हिरासत में रखा गया।
कबीर ने इस पूरी घटना को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर एक विधायक के साथ ऐसा व्यवहार होता है तो फिर विधायक होने का क्या मतलब रह जाता है। इसी नाराजगी के बीच उन्होंने विधायक पद छोड़ने और विधानसभा से दूरी बनाने का संकेत दिया।
'6 हजार लोग सहमत हुए तो छोड़ दूंगा पद'
कबीर ने कहा है कि अगर 10 हजार लोगों में से 6 हजार लोग उनके फैसले से सहमत होते हैं तो वह विधायक पद से इस्तीफा दे देंगे। उन्होंने साफ संकेत दिया कि वह बंगाल विधानसभा में अपनी सीट पर नहीं बैठेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि वह मतगणना स्थल पर नहीं जाएंगे और उनकी पार्टी की ओर से भी कोई व्यक्ति वहां नहीं जाएगा। कबीर के मुताबिक उनकी पार्टी का पंजीकरण मौजूद है और पार्टी आगे चलती रहेगी, लेकिन बाकी फैसलों के बारे में बाद में विचार किया जाएगा।
चुनाव प्रक्रिया पर लगाए गंभीर आरोप
हुमायूं कबीर ने मतदान प्रक्रिया को लेकर भी कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि उस दौरान वोटों को प्रभावित किया गया और लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया गया। कबीर के मुताबिक रेजीनगर में 93 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ, जबकि उनके आरोप के अनुसार करीब 80 प्रतिशत मतदान पुलिस ने कराया।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस के लोगों ने बीजेपी के पक्ष में मतदान करवाया। इसके साथ ही कबीर ने मुख्यमंत्री पर भी एक कथित चुनावी योजना का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि ज्यादा अंतर से जीत नहीं दिखाने और करीब 25 से 30 हजार वोटों के अंतर का लक्ष्य रखने की योजना थी।
कबीर ने आगे दावा किया कि दूसरे स्थान पर गुलाम नबी आजाद को रखने की योजना थी और यह पूरा कथित प्लान पुलिस को देकर लागू कराया गया। उन्होंने इस घटना को लोकतंत्र की हत्या करार दिया।
मुर्शिदाबाद सीट पर बीजेपी की जीत का दावा
AJUP प्रमुख ने बातचीत के दौरान मुर्शिदाबाद जिले की मुस्लिम बहुल सीट पर बीजेपी के जीतने का दावा भी किया। हालांकि, उनके इस दावे के पीछे उन्होंने कोई अलग कारण नहीं बताया।
फिलहाल उनके बयानों से इतना साफ है कि रेजीनगर की घटना और अपनी गिरफ्तारी को लेकर वह बेहद नाराज हैं। उन्होंने विधानसभा जाने से इनकार करने के साथ ही अपनी सीट खाली रहने की बात कही है। वहीं, विधायक पद से इस्तीफा देने का फैसला भी जनता के समर्थन से जोड़ दिया है। अब देखना होगा कि उनके इस बयान के बाद वह वास्तव में विधायक पद छोड़ते हैं या आगे अपनी पार्टी के साथ राजनीति में सक्रिय रहते हैं।
Next Story