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जीरो जीएसटी से टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी सस्ती कैसे होगी? जानें कितनी होगी बचत

Nilmani Pal
29 Oct 2025 4:03 PM IST
जीरो जीएसटी से टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी सस्ती कैसे होगी? जानें कितनी होगी बचत
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जीएसटी सुधार 2025 के अनुसार, इंडिविजुअल लाइफ इंश्योरेंस और हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम को अब जीएसटी-फ्री कर दिया गया है। पहले, इन प्रीमियमों पर 18% जीएसटी लगता था, जिससे पॉलिसीज महंगी हो जाती थीं। अब इंश्योरेंस पर जीएसटी की दर 0% कर दी गई है। 22 सितंबर2 025 से, आपके इंडिविजुअल टर्म इंश्योरेंस प्लान का प्रीमियम 18% तक सस्ता हो जाएगा। आप जीएसटी प्रीमियम बचत कैलकुलेटर की मदद से जान सकते हैं कि जीएसटी छूट के बाद आप अपनी टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी पर कितनी बचत कर सकते हैं।

यह सुधार टर्म इंश्योरेंस को उन लोगों के लिए अधिक किफायती और सुलभ बनाता है, जो बिना किसी एक्सट्रा टैक्स बोझ के प्योर प्रोटेक्शन प्लान चाहते हैं। आवश्यक लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी से जुड़ी लागत को कम करके, यह कदम परिवारों की आर्थिक सुरक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है।

टर्म इंश्योरेंस प्रीमियम पर जीएसटी क्या है?

टर्म इंश्योरेंस प्रीमियम पर जीएसटी वह अप्रत्यक्ष टैक्स है, जो टर्म इंश्योरेंस कवरेज के लिए दिए गए प्रीमियम पर लगाया जाता है। 22 सितंबर 2025 तक, इंडिविजुअल टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी पर 18% टैक्स लगता था। उदाहरण के लिए, ₹10,000 के प्रीमियम पर ₹1,800 का अतिरिक्त जीएसटी लगता था, जिससे कुल लागत ₹11,800 हो जाती थी।

क्या जीएसटी छूट नई पॉलिसियों और रिन्यूअल दोनों पर लागू होगी?

जीएसटी छूट नई पॉलिसियों और रिन्यूअल दोनों पर लागू होगी। चूंकि जीएसटी एक लेनदेन-आधारित टैक्स है, यह छूट निम्नलिखित पर शामिल है-

● सभी नई इंडिविजुअल पॉलिसीज पर

● सभी मौजूदा इंडिविजुअल पॉलिसीज के रिन्यूअल प्रीमियम पर

पॉलिसी होल्डर्स को जीएसटी में बदलाव से क्या फायदा होगा?

इंडिविजुअल टर्म इंश्योरेंस प्रीमियम पर से जीएसटी हटाए जाने से पॉलिसी होल्डर्स और इंश्योरेंस कंपनियों दोनों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा। जैसे-

1. प्रीमियम में कमी

जीएसटी हटने से इंडिविजुअल टर्म इंश्योरेंस का प्रीमियम अब सीधे तौर पर लगभग 18% सस्ता हो गया है। सबसे तात्कालिक लाभ आपके खर्चों में स्पष्ट कमी है।

2. अधिक सामर्थ्य और पहुंच

18% टैक्स ने इंश्योरेंस को कई परिवारों के लिए एक बाधा बना दिया था, जिससे कई लोग अपर्याप्त बीमा लेने या इसे टालने पर मजबूर थे। टैक्स माफी मध्यम और निम्न आय वर्ग सहित समाज के एक बड़े हिस्से के लिए प्योर प्रोटेक्शन पॉलिसी को अधिक सुलभ बनाती है। नीति आयोग की 2021 की एक रिपोर्ट के अनुसार, 30% से अधिक भारतीय आबादी के पास स्वास्थ्य के लिए कोई वित्तीय सुरक्षा नहीं है। हालांकि, जीएसटी हटने से अब ये लोगों के लिए सुलभ होगा।

3. मौजूदा ग्राहकों को लाभ

मौजूदा पॉलिसी होल्डर्स को भी उनके प्लान के रिन्यूअल प्रीमियम कम होने से लाभ होगा, जिससे उनके लिए लॉन्ग टर्म कवरेज बनाए रखना और वार्षिक बजट को मैनेज करना आसान हो जाएगा।

इंडिविजुअल टर्म इंश्योरेंस पर जीरो जीएसटी से कितनी बचत होगी?

नई जीएसटी दरों के बाद अब इंडिविजुअल टर्म इंश्योरेंस से आपकी काफी बजत होने वाली है। इसे आप एक उदाहरण से भी समझ सकते हैं। 35 वर्षीय रमेश, जो टर्म इंश्योरेंस के लिए सालाना ₹20,000 का प्रीमियम चुकाते हैं, उनकी अब बचत होगी। पहले 18% जीएसटी के साथ उन्हें कुल ₹23,600 (₹20,000 प्रीमियम + ₹3,600 जीएसटी) का भुगतान करना पड़ता था। अब 0% जीएसटी लागू होने के बाद उन्हें सिर्फ ₹20,000 चुकाने होंगे, जिससे उन्हें हर साल ₹3,600 की बचत होगी।

0% जीएसटी सुधार के लाभ के लिए पॉलिसी खरीदते हुए इन बातों का रखें ख्याल

1. पॉलिसी की रिनुअल डेट चेक करें

यदि आपको प्रीमियम 22 सितंबर 2025 से पहले देना है, तो इस डेट के बाद भुगतान करने से आपको जीएसटी छूट का लाभ मिल सकता है।

2. नई पॉलिसी खरीदें

अधिकतम बचत प्राप्त करने के लिए आप 22 सितंबर 2025 को जीएसटी-फ्री प्रीमियम दरों पर पॉलिसी खरीदें। आप इसके लिए सीधे ऑनलाइन या निकटतम शाखा या एजेंट से संपर्क कर सकते हैं।

3. पॉलिसी लैप्स होने से बचें

प्रोटेक्शन की निरंतरता बनाए रखने के लिए 21 सितंबर 2025 के बाद भुगतान में देरी न करें। यह सुनिश्चित करें कि आप अपना प्रीमियम 22 सितंबर 2025 तक चुका दें या अपनी लैप्स हुई पॉलिसी को फिर से चालू करवा लें। लैप्स पॉलिसी का मतलब है एक बीमा पॉलिसी, जो प्रीमियम का भुगतान न करने के कारण अमान्य हो गई हो। इंश्योरेंस में एक दिन की देरी भी महंगी पड़ सकती है।

4. अपनी बचत का पुनर्निवेश करें

जीएसटी छूट से बचाए गए पैसों का उपयोग राइडर्स खरीदने, कवरेज बढ़ाने या बचत योजना में निवेश करने के लिए करें। चक्रवृद्धि ब्याज का लाभ एक दिन के लिए भी न गवाएं।

22 सितंबर 2025 से, हेल्थ और टर्म इंश्योरेंस के प्रीमियम पर जीएसटी नहीं लगेगा, जिसका सीधा मतलब है कि ज्यादातर मामलों में आपको 18% की बचत होगी। हालांकि, यह बचत कब लागू होगी, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि आपका कवरेज कब शुरू होता है, आप रिन्यूअल कब करते हैं या क्या आपने कई वर्षों के लिए प्रीमियम का अग्रिम भुगतान किया है। यदि आप इस लाभ को अधिकतम करना चाहते हैं, तो अपनी पॉलिसी जारी करने और रिन्यूअल की तारीखों को ध्यान से मैनेज करें।

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