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“अब फ्री नहीं रहेगा होर्मुज”: ईरान का सख्त रुख...

SHIDDHANT
15 Jun 2026 9:52 PM IST
“अब फ्री नहीं रहेगा होर्मुज”: ईरान का सख्त रुख...
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कूटनीति में बड़ा मोड़
Delhi दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच एक बड़े समझौते (MoU) को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है। प्रस्तावित समझौते पर जल्द ही जेनेवा में हस्ताक्षर होने की संभावना जताई जा रही है, जिसमें क्षेत्रीय सुरक्षा, प्रतिबंधों में राहत और आर्थिक मुद्दों को लेकर अहम प्रावधान शामिल बताए जा रहे हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Ismail Baghaei ने इस समझौते पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि यह MoU ईरानी जनता की “ऐतिहासिक दृढ़ता” का परिणाम है। उनके अनुसार, इसमें ईरान की विदेशों में रोकी गई संपत्तियों की वापसी, आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने और तेल निर्यात पर लगी पाबंदियों को समाप्त करने जैसे प्रावधान शामिल हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रस्तावित ढांचे में होर्मुज खाड़ी में जहाजों से सेवा शुल्क वसूले जाने की बात भी सामने आई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर प्रभाव पड़ सकता है। साथ ही क्षेत्रीय स्तर पर लेबनान से जुड़े सुरक्षा प्रावधानों का भी तीन बार उल्लेख किए जाने का दावा किया गया है, जिसमें युद्धविराम और संप्रभुता का सम्मान शामिल बताया जा रहा है। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि परमाणु मुद्दे पर अलग से 60 दिनों के भीतर बातचीत की जाएगी। उन्होंने अमेरिका और इजरायल पर हालिया तनाव के दौरान आक्रामक रुख अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि ईरान अपने रुख पर कायम रहेगा।
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। ईरान का कहना है कि वैश्विक संस्थाओं ने संकट के दौरान निष्पक्ष प्रतिक्रिया नहीं दी। समझौते के लागू होने पर ईरान को आर्थिक राहत मिलने और वैश्विक तेल बाजार में उसकी भूमिका बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यह अभी शुरुआती चरण का मसौदा है और अंतिम समझौते से पहले कई राजनीतिक और कूटनीतिक बाधाएं सामने आ सकती हैं।
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