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हनीट्रैप, फिर ब्लैकमेलिंग दरोगा सुसाइड केस में बड़ा खुलासा...

SHIDDHANT
6 Sept 2026 10:51 PM IST
हनीट्रैप, फिर ब्लैकमेलिंग दरोगा सुसाइड केस में बड़ा खुलासा...
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हनीट्रैप के जाल में दरोगा पुलिस जांच में सामने आए चौंकाने वाले दावे
Basti बस्ती: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में वाल्टरगंज थाने के पूर्व थानाध्यक्ष सूर्य प्रकाश सिंह की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने कथित हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग सिंडिकेट का पर्दाफाश करने का दावा किया है। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी महिला प्रियंका चौधरी, उसके पिता रामनयन चौधरी और अधिवक्ता विजय प्रकाश यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस का आरोप है कि ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर दरोगा ने आत्महत्या की थी। मृतक के बेटे संदीप सिंह ने 5 सितंबर को पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत की थी। इसके आधार पर कोतवाली बस्ती में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड की पड़ताल की। पुलिस के मुताबिक, जांच में सामने आया कि घटना वाले दिन 29 अगस्त को आरोपी अधिवक्ता विजय प्रकाश यादव ने दोपहर 1 बजकर 41 मिनट पर सूर्य प्रकाश सिंह को फोन किया था। जांच एजेंसियां इस कॉल समेत आरोपियों और मृतक के बीच हुए संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं।
बोलेरो और तीन मोबाइल बरामद
कोतवाली पुलिस और सर्विलांस टीम ने कार्रवाई करते हुए सदर अस्पताल चौराहे के पास से प्रियंका चौधरी, रामनयन चौधरी और विजय प्रकाश यादव को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, उनके कब्जे से एक बोलेरो और तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। पुलिस का आरोप है कि महिला कथित तौर पर संपन्न और प्रभावशाली लोगों को अपने जाल में फंसाती थी। इसके बाद उन्हें ब्लैकमेल कर पैसे वसूले जाते थे। पुलिस के मुताबिक, इस कथित नेटवर्क में महिला के पिता और वकील की भी भूमिका थी। वकील पर कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर लोगों पर दबाव बनाने का आरोप लगाया गया है।
लाखों की कथित उगाही की जांच
पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान कई अन्य लोगों से लाखों रुपये की कथित वसूली की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, मकान मालिक डॉक्टर उमेश से 4 लाख रुपये, ड्राइवर अहमद रजा से 5 लाख रुपये और एक व्यापारी से 15 लाख रुपये की कथित उगाही से संबंधित जानकारी की जांच की जा रही है। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। डीआईजी बस्ती मंडल संजीव त्यागी के मुताबिक, कथित गिरोह के संपर्कों और अन्य संभावित पीड़ितों के संबंध में जांच जारी है। पुलिस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और मोबाइल फोन की जांच के आधार पर नेटवर्क की अन्य कड़ियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
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