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पुलिस महानिदेशक
दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के दो वरिष्ठ अधिकारियों के तबादले और नई पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। दोनों अधिकारी AGMUT कैडर के 1995 बैच से संबंधित हैं। आदेश के तहत अरुणाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) शिव दर्शन सिंह जम्वाल का तबादला दिल्ली कर दिया गया है। वहीं, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राजेश कुमार को अरुणाचल प्रदेश का नया डीजीपी नियुक्त किया गया है।
Ministry of Home Affairs has ordered the transfer and posting of two AGMUT-cadre IPS officers with immediate effect. Shiv Darshan Singh Jamwal (1995 batch), DGP of Arunachal Pradesh, has been transferred to Delhi, while Rajesh Kumar (1995 batch), on repatriation from central deputation, has been posted as DGP of Arunachal Pradesh.
— IANS (@ians_india) November 3, 2026
गृह मंत्रालय की ओर से मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार, दोनों अधिकारियों की नई पदस्थापना तत्काल प्रभाव से लागू होगी। यह व्यवस्था अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी। शिव दर्शन सिंह जम्वाल अब तक अरुणाचल प्रदेश में पुलिस महानिदेशक के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। उन्हें अब दिल्ली स्थानांतरित किया गया है। हालांकि, दिल्ली में उनकी नई जिम्मेदारी के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
दूसरी ओर, 1995 बैच के आईपीएस अधिकारी राजेश कुमार को अरुणाचल प्रदेश पुलिस की कमान सौंपी गई है। राजेश कुमार केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत थे और उन्हें 2 नवंबर को मूल कैडर में वापस भेजा गया था। इसके बाद गृह मंत्रालय ने उन्हें अरुणाचल प्रदेश का डीजीपी नियुक्त करने का आदेश जारी किया।
AGMUT कैडर में अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मिजोरम और विभिन्न केंद्रशासित प्रदेशों से संबंधित आईपीएस अधिकारी शामिल होते हैं। इस कैडर के अधिकारियों की नियुक्ति और स्थानांतरण से जुड़े प्रशासनिक फैसले केंद्रीय गृह मंत्रालय के स्तर पर लिए जाते हैं।
इस बदलाव के बाद अरुणाचल प्रदेश पुलिस के शीर्ष नेतृत्व की जिम्मेदारी राजेश कुमार संभालेंगे। राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और पुलिस प्रशासन के संचालन में डीजीपी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। गृह मंत्रालय के आदेश के बाद संबंधित अधिकारियों की नई तैनाती की प्रक्रिया शुरू होगी। फिलहाल यह प्रशासनिक बदलाव दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों तक सीमित है।
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