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गृह मंत्रालय का सभी NGO को नोटिस, FCRA रिन्यू का निर्देश

SHIDDHANT
30 Sept 2025 11:34 PM IST
गृह मंत्रालय का सभी NGO को नोटिस, FCRA रिन्यू का निर्देश
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Delhi दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) को निर्देश दिया है कि वे अपने एफसीआरए (विदेशी योगदान विनियमन अधिनियम) रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण समय से करें। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि सभी एनजीओ को कम से कम चार महीने पहले नवीनीकरण के लिए आवेदन करना अनिवार्य है। यदि समय पर आवेदन नहीं किया गया, तो एफसीआरए प्रमाणपत्र समाप्त हो सकता है, जिससे एनजीओ विदेशी योगदान प्राप्त या उसका उपयोग नहीं कर पाएंगे। यह कदम एनजीओ की गतिविधियों में किसी भी बाधा से बचाने और आवेदन प्रक्रिया को सुचारू बनाने के उद्देश्य से लिया गया है। एफसीआरए 2010 के तहत, जिन एनजीओ को विदेशी योगदान प्राप्त होता है, उनके लिए पंजीकरण अनिवार्य है। यह पंजीकरण प्रमाणपत्र सामान्यतः पांच वर्षों के लिए वैध होता है। प्रमाणपत्र की वैधता समाप्त होने पर, एनजीओ विदेशी योगदान प्राप्त या खर्च नहीं कर सकते। नवीनीकरण के लिए नए आवेदन की आवश्यकता होती है, जिसे निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
गृह मंत्रालय के नोटिस में बताया गया है कि सेक्शन 16(1) के अनुसार हर प्रमाणपत्र धारक को इसके समाप्त होने से छह महीने पहले नवीनीकरण के लिए आवेदन करना चाहिए। मंत्रालय ने यह भी चेतावनी दी कि कई संस्थाएं प्रमाणपत्र समाप्त होने से मात्र 90 दिन पहले आवेदन भेजती हैं। ऐसी देरी जांच और सुरक्षा एजेंसियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त करने के लिए पर्याप्त समय नहीं देती। परिणामस्वरूप, प्रमाणपत्र की वैधता समाप्त होने पर एनजीओ की गतिविधियां बाधित हो सकती हैं। मंत्रालय ने एनजीओ से अपील की है कि वे एफसीआरए रजिस्ट्रेशन की वैधता की जांच नियमित रूप से करें और नवीनीकरण की प्रक्रिया समय पर शुरू करें। समय पर आवेदन करने से न केवल प्रमाणपत्र की वैधता सुनिश्चित होगी, बल्कि विदेशी योगदान की प्राप्ति और उपयोग में कोई रुकावट नहीं आएगी। मंत्रालय ने विशेष रूप से कहा कि यह निर्देश सभी एनजीओ पर समान रूप से लागू होता है, चाहे उनका आकार, क्षेत्र या कार्यक्षेत्र कुछ भी हो।
एफसीआरए प्रमाणपत्र नवीनीकरण प्रक्रिया में आवश्यक दस्तावेजों की पूरी सूची, पिछली रिपोर्टें और अन्य आवश्यक जानकारी शामिल होती है। मंत्रालय ने सभी एनजीओ को निर्देश दिया है कि वे सभी आवश्यक दस्तावेज और विवरण सही और पूर्ण रूप से प्रस्तुत करें। किसी भी त्रुटि या अधूरी जानकारी से आवेदन प्रक्रिया लंबित हो सकती है और परिणामस्वरूप प्रमाणपत्र की वैधता समाप्त हो सकती है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि समय पर नवीनीकरण न होने पर, न केवल विदेशी योगदान की प्राप्ति प्रभावित होगी, बल्कि कानूनी कार्रवाई और जुर्माने का खतरा भी बढ़ सकता है। इसके अलावा, मंत्रालय ने सलाह दी है कि एनजीओ को अपने नवीनीकरण आवेदन की स्थिति नियमित रूप से ऑनलाइन पोर्टल पर जांचते रहना चाहिए और किसी भी अपडेट के लिए तैयार रहना चाहिए।
एफसीआरए रजिस्ट्रेशन की नवीनीकरण प्रक्रिया का समय प्रबंधन, आवेदन की समय पर समीक्षा और सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग, यह सुनिश्चित करता है कि एनजीओ की गतिविधियां लगातार चलती रहें। मंत्रालय ने कहा कि समय पर नवीनीकरण केवल कानूनी अनिवार्यता नहीं है, बल्कि यह संगठन की वित्तीय स्थिरता और संचालन के लिए भी महत्वपूर्ण है। अंततः, गृह मंत्रालय ने सभी एनजीओ को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे अपने एफसीआरए प्रमाणपत्र का नवीनीकरण कम से कम चार महीने पहले करें। यह कदम संगठन को विदेशी योगदान के निरंतर प्रवाह में मदद करेगा और उनके कार्यक्षेत्र में किसी भी प्रकार की बाधा से बचाएगा।
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