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Shimla. शिमला। हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी विकास संघ (हिमकोफेड) को नया नेतृत्व मिल गया है। शिमला स्थित सहकार भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विक्रम शर्मा (डिक्की) ने चेयरमैन पद की जिम्मेदारी संभाली। उन्हें हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा इस पद पर मनोनीत किया गया है। हिमकोफेड राज्य में सहकारिता क्षेत्र में शिक्षा और प्रशिक्षण की शीर्ष संस्था मानी जाती है, इसलिए नए चेयरमैन की नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कार्यक्रम में संबोधित करते हुए विक्रम शर्मा ने कहा कि वे हिमकोफेड को विकास के नए आयामों तक पहुँचाने और सहकारिता आंदोलन को मजबूत बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सहकारी क्षेत्र में शिक्षा और प्रशिक्षण को और अधिक सशक्त किया जाएगा, जिससे प्रदेश में सहकारी संस्थाओं की क्षमता और मजबूती बढ़ सके।
विक्रम शर्मा का राजनीतिक और संगठनात्मक अनुभव काफी व्यापक रहा है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सरकारी कॉलेज, सेक्टर-11 से प्राप्त की और स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की। छात्र जीवन में ही वे सक्रिय राजनीति से जुड़े और 1984-85 में एनएसयूआई में कैंपस प्रधान के रूप में कार्य किया। इसके बाद वे कांग्रेस कमेटी में संयुक्त सचिव, महासचिव समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे।
1991 से 2000 तक उन्होंने संगठन सचिव और महासचिव युवा कांग्रेस के रूप में जिम्मेदारी निभाई। इसके अलावा वे पीसीसी प्रतिनिधि परागपुर और पंजाब एवं उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के प्रभारी के रूप में संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा चुके हैं। उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें हिमकोफेड का नेतृत्व सौंपना सहकारिता क्षेत्र के लिए लाभकारी माना जा रहा है।
कार्यक्रम में चेयरमैन हिमकोफेड महेश्वर चौहान भी उपस्थित रहे। उन्होंने विक्रम शर्मा को नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं दी और कहा कि उनके नेतृत्व में हिमकोफेड नई ऊंचाइयों को छुएगा। हिमकोफेड के माध्यम से प्रदेश में सहकारी संस्थाओं को प्रशिक्षण, शिक्षा और क्षमता विकास के नए अवसर प्रदान किए जाते हैं। विक्रम शर्मा ने इस दिशा में काम करने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि सहकारिता क्षेत्र में नवाचार, प्रशिक्षण कार्यक्रम और संगठनात्मक सुधारों के जरिए संस्थाओं को और अधिक सक्षम और आत्मनिर्भर बनाया जाएगा।
विशेषज्ञों के अनुसार विक्रम शर्मा के संगठनात्मक अनुभव और राजनीतिक नेटवर्क से हिमकोफेड को लाभ होगा। उनका नेतृत्व सहकारी क्षेत्र में विकास, पारदर्शिता और क्षमता निर्माण की दिशा में नया अध्याय जोड़ सकता है। इस अवसर पर सहकारिता क्षेत्र के कई वरिष्ठ अधिकारी और सदस्य भी उपस्थित रहे, जिन्होंने नए चेयरमैन का स्वागत किया और उनके नेतृत्व में सहकारिता संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण की उम्मीद जताई।
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