भारत

'नहीं ले सकता ह्यूमन इंटेलिजेंस की जगह' , AI को लेकर हाईकोर्ट ने कह दी यह बड़ी बात

jantaserishta.com
28 Aug 2023 10:35 AM IST
नहीं ले सकता ह्यूमन इंटेलिजेंस की जगह , AI को लेकर हाईकोर्ट ने कह दी यह बड़ी बात
x
जानें आदेश.
नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) न्यायिक प्रक्रिया में न तो ह्यूमन इंटेलिजेंस और न ही ह्यूमन एलिमेंट की जगह ले सकता है. इसके अलावा उच्च न्यायालय ने कहा कि ChatGPT किसी अदालत में कानूनी या तथ्यात्मक मुद्दों के निर्णय का आधार नहीं हो सकता है.
न्यायमूर्ति प्रथिबा एम सिंह ने कहा कि डेटा को लेकर AI की विश्वसनीयता अभी भी अस्पष्ट है. ऐसे टूल का इस्तेमाल शुरुआती समझ या शुरुआती रिसर्च के लिए किया जा सकता है. अदालत की ये टिप्पणी लक्जरी ब्रांड क्रिश्चियन लॉबाउटिन द्वारा एक साझेदारी फर्म के खिलाफ मुकदमे से निपटने के दौरान आईं, जो कथित तौर पर अपने ट्रेडमार्क का उल्लंघन करके जूतों के निर्माण और बिक्री में शामिल थी. इस मामले में वादी के वकील ने कहा कि 'रेड सोल शू' का भारत में रजिस्ट्रेशन ट्रेडमार्क था और इसकी प्रतिष्ठा के संबंध में ChatGPT द्वारा अदालत की प्रतिक्रियाओं के समक्ष रखा गया था.
अदालत ने अपने हालिया आदेश में कहा, “ChatGPT किसी अदालत में कानूनी या तथ्यात्मक मुद्दों के निर्णय का आधार नहीं हो सकता है. ChatGPT जैसे बड़े भाषा मॉडल (LLM) आधारित चैटबॉट्स की प्रतिक्रिया, जिस पर वादी के वकील द्वारा भरोसा करने की मांग की जाती है, उपयोगकर्ता द्वारा पूछे गए प्रश्न की प्रकृति और संरचना, प्रशिक्षण सहित कई कारकों पर निर्भर करता है. इसके अलावा, एआई चैटबॉट्स द्वारा उत्पन्न गलत प्रतिक्रियाएं, काल्पनिक केस कानून, कल्पनाशील डेटा आदि की भी संभावनाएं हैं.”
अदालत ने कहा, "AI के डेटा की सटीकता और विश्वसनीयता अभी भी अस्पष्ट है. कोर्ट के मन में कोई संदेह नहीं है कि तकनीकी विकास के वर्तमान चरण में एआई न्यायिक प्रक्रिया में ह्यूमन इंटेलिजेंस और ह्यूमन एलिमेंट की जगह नहीं ले सकता है. इसका इस्तेमाल शुरुआती चरण के लिए किया जा सकता है."
मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा, “अदालत को इसमें कोई संदेह नहीं है कि प्रतिवादी के उत्पाद वादी के उत्पादों के समान हैं. प्रतिवादी ने वादी के जूते की सभी विशेषताओं की नकल की है. चार्ट से पता चलता है कि नकल एक या दो डिजाइनों की नहीं बल्कि बड़ी संख्या में डिजाइन की है.
jantaserishta.com

jantaserishta.com

भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।

    Next Story