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हाईकोर्ट ने टॉप ब्यूरोक्रेट को लगाई फटकार, कहा- टालमटोल की रणनीति न अपनाएं

jantaserishta.com
19 Jun 2026 3:53 PM IST
हाईकोर्ट ने टॉप ब्यूरोक्रेट को लगाई फटकार, कहा- टालमटोल की रणनीति न अपनाएं
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कड़ी नाराजगी जताई.
कोच्चि: केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को केरल स्टेट काजू डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (केएससीडीसी) भ्रष्टाचार मामले में अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान उद्योग (काजू) विभाग के पूर्व प्रधान सचिव मोहम्मद हनीश के अदालत में पेश नहीं होने पर कड़ी नाराजगी जताई।
न्यायमूर्ति ए. बदरुद्दीन ने चेतावनी दी कि यदि मोहम्मद हनीश सोमवार को भी अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ गिरफ्तारी सहित कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अदालत ने वन एवं काजू विकास विभाग के वर्तमान सचिव के. बिजू, आईएएस को भी निर्देश दिया कि वह 9 जुलाई तक केएससीडीसी के पूर्व अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी जारी करें। ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ भी अवमानना की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
यह मामला कड़कमपल्ली मनोज द्वारा दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया। याचिका में आरोप लगाया गया कि मोहम्मद हनीश ने अभियोजन की मंजूरी देने संबंधी अदालत के पूर्व आदेश का पालन नहीं किया।
हाईकोर्ट पहले ही यह मान चुका है कि केएससीडीसी के पूर्व प्रबंध निदेशक के.ए. रतीश और पूर्व अध्यक्ष ई. कासिम तथा आर. चंद्रशेखरन के खिलाफ भ्रष्टाचार मामले में कार्रवाई के लिए प्रथम दृष्टया पर्याप्त आधार मौजूद हैं।
आरोप है कि इन अधिकारियों ने एम/एस जेएमजे ट्रेडर्स के मालिक जैमोन जोसेफ के साथ मिलकर नियमों का उल्लंघन करते हुए ठेके दिए, जिससे निगम को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। अदालत ने पहले भी हनीश को अभियोजन की मंजूरी पर पुनर्विचार करने के कई अवसर दिए थे, लेकिन उन्होंने मंजूरी देने के बजाय अभियोजन से इनकार कर दिया। इसके बाद 10 अप्रैल को हाईकोर्ट ने उनके आदेश को रद्द करते हुए माना कि उन्होंने प्रथम दृष्टया अदालत की अवमानना की है और अभियोजन की मंजूरी देने का निर्देश दिया।
हनीश ने इस आदेश को डिवीजन बेंच में चुनौती दी थी, लेकिन उनकी अपील इसी सप्ताह खारिज कर दी गई। इसके बाद सिंगल बेंच ने उन्हें शुक्रवार को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया था। हालांकि, वह अदालत में पेश नहीं हुए। उनके वकील ने दलील दी कि हनीश अब काजू विभाग नहीं संभाल रहे हैं और बजट संबंधी कार्यों में व्यस्त हैं, इसलिए उन्हें व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दी जाए।
अदालत ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि वह इस तरह का कोई स्पष्टीकरण सुनना नहीं चाहती। न्यायमूर्ति बदरुद्दीन ने टिप्पणी की कि हनीश अपील दायर कर अदालत में पेश होने से बचने की कोशिश कर रहे थे।
अदालत ने ऑनलाइन पेशी की अनुमति देने से भी इनकार कर दिया और स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई पर भी अनुपस्थित रहने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। हाईकोर्ट ने के. बिजू को मामले में दूसरा प्रतिवादी बनाने की अनुमति देते हुए उन्हें 9 जुलाई तक अभियोजन की मंजूरी संबंधी आदेश जारी करने का निर्देश दिया और कहा कि इसके लिए कोई अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा। अब इस मामले की अगली सुनवाई 22 जून को होगी, जिसमें मोहम्मद हनीश को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना होगा।
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