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आज चक्रवात को लेकर हाई अलर्ट जारी, अगले 6 घंटे में दिखेगा असर

Nil dhankar
9 May 2022 6:15 AM IST
आज चक्रवात को लेकर हाई अलर्ट जारी, अगले 6 घंटे में दिखेगा असर
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बंगाल की खाड़ी में आया तूफान 'आसानी' गंभीर चक्रवात में बदल गया है. मौसम विभाग ने इसे लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया है. ये तूफान अगले 6 घंटे में अपने गंभीर असर दिखाएगा. चक्रवात 'असानी' (Cyclone Asani) के उत्तर-उत्तर-पूर्व की ओर मुड़ने और ओडिशा तट से दूर बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है.

पिछले 6 घंटे के दौरान ये तूफान उत्तर-पश्चिम दिशा में 14 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है. इसके एक भीषण चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है. चक्रवात असानी को देखते हुए बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग का कहना है कि चक्रवात की वजह से उत्तरी आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों पर मंगलवार से तेज हवाएं चलने और बारिश होने की आशंका है.

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रविवार को अपने विशेष बुलेटिन में जानकारी दी कि चक्रवात असानी अगले 6 घंटे में रौद्र रूप दिखाएगा और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक भीषण चक्रवाती तूफान में बदल सकता है. क्षेत्रीय मौसम निदेशक हबीबुर रहमान बिस्वास ने बताया कि बंगाल की दक्षिण-पूर्वी खाड़ी के ऊपर चक्रवाती तूफान 'असानी' पिछले 6 घंटे के दौरान 14 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के साथ उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ गया और एक भीषण चक्रवाती तूफान में बदल गया.

उन्होंने बताया कि तूफान का असर दक्षिण पूर्व और उससे सटे पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी में, कार निकोबार (निकोबार द्वीप समूह) से लगभग 610 किमी उत्तर-पश्चिम में, पोर्ट ब्लेयर (अंडमान द्वीप समूह) से 500 किमी पश्चिम में, विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) से 810 किमी दक्षिण-पूर्व और पुरी (ओडिशा) से 880 किमी दक्षिण-दक्षिण पूर्व में देखने को मिलेगा. उन्होंने बताया कि पुरी से करीब 920 किलोमीटर की दूरी पर बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने रहने के दौरान असानी एक भीषण चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा. विशेष राहत आयुक्त प्रदीप कुमार जेना ने बताया कि यह सिस्टम 11 मई को चक्रवाती तूफान के रूप में गंजम और पुरी के बीच तट के सबसे करीब होगा.

ओडिशा में इन जिलों में खास अलर्ट

उन्होंने कहा- चूंकि यह पुरी (आगे की ओर) से ओडिशा तट के समानांतर और आगे बढ़ेगा, इसलिए सिस्टम 12 मई को एक गहरे दबाव में कमजोर हो जाएगा. हालांकि, 11 मई काफी अहम रहेगा, क्योंकि तटीय और आसपास के जिलों में मध्यम से भारी वर्षा और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है. यहां गजपति, गंजम, पुरी, खुर्दा, कटक और जगतसिंहपुर जिलों में 10 से 12 मई के बीच बारिश होगी. जेना ने आगे कहा कि ओडीआरएएफ की टीमों को पुरी, सतपाड़ा, अस्टारंगा, कृष्णप्रसाद, जगतसिंहपुर, भद्रक, महाकालपारा, राजनगर और गंजम में तैनात किया गया है.

एनडीआरएफ की एक पूरी यूनिट बालासोर में है, जिसे जरूरत पड़ने पर पड़ोसी जिलों में भेजा जा सकता है. फायर ब्रिगेड के डीजी ने सभी जिलों में टीमों को अलर्ट मोड पर रखा है. किसी भी घटना की स्थिति में कार्रवाई के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं. इसी तरह मुख्यालय पर 10 से 15 फायर यूनिट को तैनात किया गया है. उन्होंने बताया कि हमने जिलों में कलेक्टरों और नगर आयुक्तों को भी अलर्ट किया है. जरूरत पड़ने पर एक कॉल पर खतरे से बाहर निकालने में मदद करेंगे.

उन्होंने कहा कि वर्तमान में हमें किसी खतरे की आशंका नहीं है, हालांकि, संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है. विशेष रूप से निचले इलाकों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में नजर रखी जा रही है. यहां अगर जरूरत पड़ती है तो लोगों को निकाला जाएगा. जलजमाव और बाढ़ की स्थिति में नगर निगम की टीमें पानी निकालने के लिए तैयार हैं. राज्य के सभी मछुआरे समुद्री किनारे से दूर हैं. आज दोपहर तक सभी नावें वापस आ चुकी हैं. सरकार चिलिका में सोमवार से चक्रवात के गुजरने तक नावों की आवाजाही रोक देगी.


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