यहां विद्वान पंडित के रूप में रावण की पहचान, नहीं होता रावण के पुतले का दहन, जानें इसके पीछे की दिलचस्प कहानी

फाइल फोटो
Vijayadashami (Dussehra) 2021: झारखंड के जिला देवघर में विजय दशमी के अवसर पर रावण के पुतले का दहन नहीं किया जाता है. कारण है कि देवघर को दशानन रावण की तपोभूमि माना जाता है और यहां स्थापित पवित्र द्वादश ज्योतिर्लिंग को रावणेश्वर महादेव के नाम से भी जाना जाता है. यहां शिव और शक्ति दोनों साथ विराजमान हैं. मान्यता है कि यहां सच्चे मन से की गई हर प्रार्थना स्वीकार होती है.
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