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पहाड़ से मैदान तक बारिश का कहर 15 की मौत कई राज्य अलर्ट पर
Delhi दिल्ली। सितंबर के आखिरी दिनों में भारी बारिश ने देश के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित कर दिया है। ‘अर्नब’ चक्रवात के असर के बीच उत्तर प्रदेश में पिछले करीब 60 घंटे से बारिश का दौर जारी है। प्रदेश के 63 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। राज्य सरकार के मुताबिक, पिछले 48 घंटे में बारिश और आंधी-तूफान से 15 लोगों की मौत हुई है, जबकि पांच लोग घायल हुए हैं। चार पशुओं की भी जान गई है और 117 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना है।
उत्तर प्रदेश में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए राहत एवं बचाव कार्य तेज किए गए हैं। राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने जिलाधिकारियों को प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मिलने और तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। घायलों के उपचार के साथ मकानों और फसलों को हुए नुकसान का सर्वेक्षण कराने को भी कहा गया है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में उत्तर प्रदेश में सामान्य से करीब 19 गुना ज्यादा बारिश हुई। फर्रुखाबाद में सामान्य से 200 गुना, कानपुर नगर में 160 गुना और कन्नौज, कानपुर देहात तथा हरदोई में 130 गुना अधिक बारिश दर्ज की गई। बागपत, गाजियाबाद, मथुरा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, गौतमबुद्धनगर और हापुड़ में भी भारी बारिश हुई। अमेठी, बहराइच, बांदा, बाराबंकी, बस्ती, फतेहपुर, हमीरपुर, हरदोई और कानपुर नगर में एक-एक मौत की सूचना है। अयोध्या में दो और लखीमपुर खीरी में चार लोगों की जान गई है। बांदा में 32, जालौन में 21, हरदोई में 14 और औरैया व पीलीभीत में सात-सात मकानों को नुकसान पहुंचा है।
नेपाल में हो रही भारी बारिश को देखते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है। बिहार में भी गंडक, बागमती और कोसी नदी से सटे जिलों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। नदी के जलस्तर, तटबंधों और निचले इलाकों की निगरानी की जा रही है। उत्तराखंड में 26 और 27 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा बताया गया है। बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत और ऊधमसिंह नगर के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। खराब मौसम के कारण चारधाम यात्रा भी दो दिनों के लिए स्थगित की गई है।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग-दल्लीराजहरा रेल खंड में भी बारिश का असर पड़ा है। लताबोड़ और गुंडरदेही स्टेशनों के बीच जलभराव और रेलवे ट्रैक धंसने के कारण ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुई हैं। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए ट्रेन परिचालन में अस्थायी बदलाव किए गए हैं। दिल्ली, हरियाणा, बिहार, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल समेत कई हिस्सों में भी बारिश का असर बने रहने की संभावना जताई गई है।
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