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Guwahati गुवाहाटी। असम के गुवाहाटी शहर में भारी बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। लगातार हुई बारिश के कारण सड़कों पर बड़ी मात्रा में पानी जमा हो गया, जिससे आम लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। कई प्रमुख मार्गों और निचले इलाकों में पानी भरने से यातायात की रफ्तार भी प्रभावित हुई। बारिश के बाद शहर की कई सड़कों पर पानी जमा दिखाई दिया। जलभराव वाले इलाकों से गुजरने वाले वाहन चालकों को काफी सावधानी बरतनी पड़ी। कई जगह दोपहिया और छोटे वाहनों को पानी से भरी सड़कों को पार करने में मुश्किल हुई। पैदल चलने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
गुवाहाटी में भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव की समस्या अक्सर गंभीर हो जाती है। शनिवार को हुई बारिश के बाद भी कई क्षेत्रों में ऐसी ही स्थिति देखने को मिली। सड़कों पर पानी जमा होने के कारण कुछ स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। वाहन धीमी गति से चलते दिखाई दिए और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य से अधिक समय लगा। जलभराव के कारण स्थानीय लोगों की दैनिक गतिविधियां भी प्रभावित हुईं। घरों से जरूरी काम के लिए निकले लोगों को पानी से भरी सड़कों से होकर गुजरना पड़ा। कई स्थानों पर सड़क और नालियों के बीच अंतर समझना मुश्किल हो गया, जिससे लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी।
बारिश के दौरान शहर के निचले हिस्सों में पानी तेजी से जमा होने से जल निकासी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। भारी बारिश के समय नालियों से पानी की निकासी धीमी होने के कारण कई सड़कों पर कुछ ही समय में जलभराव की स्थिति बन जाती है। इससे यातायात व्यवस्था के साथ स्थानीय व्यापार और आम जनजीवन भी प्रभावित होता है। बारिश के बाद सड़कों पर जमा पानी के बीच वाहन चलते नजर आए। लोगों को जलभराव वाले रास्तों से बचने और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की जरूरत पड़ी। पानी अधिक होने वाले स्थानों पर दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण रही।
गुवाहाटी और आसपास के क्षेत्रों में मानसून के दौरान भारी बारिश के कारण जलभराव और यातायात प्रभावित होने की समस्या सामने आती रही है। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यात्रा करने और जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। भारी बारिश के बाद बने हालात ने एक बार फिर शहर में बेहतर जल निकासी व्यवस्था की जरूरत को सामने रखा है। फिलहाल स्थानीय लोगों की नजर बारिश की स्थिति पर बनी हुई है।
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