भारत
स्मार्ट सिटी में हर साल छह करोड़ खर्च करने पर भी कूड़े-कचरे के ढेर
Shantanu Roy
4 April 2026 4:04 PM IST

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Hospice. धर्मशाला। नगर निगम और स्मार्ट सिटी धर्मशाला शहर के सफाई व्यवस्थाओं पर हर साल लगभग छह करोड़ रुपए खर्च कर रहे हैं, बावजूद इसके शहर के प्रमुख क्षेत्रों में कूड़ा-कचरा खुले में दिखाई दे रहा है। शहर के पर्यटन-खेल नगरी और एजुकेशन हब कहे जाने वाले क्षेत्रों में गंदगी आम हो गई है। नगर निगम द्वारा 17 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन की व्यवस्था की गई है। इसके तहत घरेलू परिवार से प्रति माह 100 रुपए, व्यावसायिक दुकानों और भवनों से 150-200 रुपए और बड़े संस्थानों से 200-250 रुपए वसूले जाते हैं। बावजूद इसके कुछ किराएदार और पीजी संचालक रात के अंधेरे में कचरा फैला रहे हैं, ताकि एक सौ रुपए की बचत की जा सके। इससे शहर की सड़कों, गलियों, नालों और डस्टबिन में कूड़ा जमा हो रहा है।
नगर निगम और स्मार्ट सिटी धर्मशाला ने संवेदनशील क्षेत्रों में कैमरे और निगरानी व्यवस्था भी स्थापित की है। कचरा फैलाने वालों के खिलाफ जुर्माना और अन्य कार्रवाई का प्रावधान है। लेकिन अब तक इस व्यवस्था पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। शहर के व्यावसायिक भवनों और पीजी में रहने वाले लोग अपनी सुविधा के लिए कचरा फैला रहे हैं, जिससे सफाई की लागत और मेहनत बेकार हो रही है। नगर निगम की महापौर नीनू शर्मा ने कहा कि छह करोड़ रुपए खर्च करने के बावजूद शहर में कूड़ा फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी को मिलकर सफाई बनाए रखने में सहयोग करना होगा। नगर निगम की प्राथमिकता साफ-सफाई और स्वास्थ्य सुरक्षा है।
सुपरवाइजरों की टीम घर-घर जाकर कचरा संग्रह और शुल्क वसूली करती है, लेकिन व्यावसायिक भवनों और दुकानों से कचरे की निगरानी अभी तक असंगठित है। इससे सवाल उठने लगे हैं कि डोर-टू-डोर कचरा एकत्र करने की व्यवस्था का महत्व क्या रह जाएगा, यदि कुछ लोग शहर को गंदगी में डुबोने का प्रयास कर रहे हैं। नगर निगम की ओर से कहा गया कि सभी 17 वार्डों में घरेलू, व्यावसायिक और बड़े संस्थानों से कचरा नियमित रूप से एकत्रित किया जा रहा है। घरेलू उपभोक्ताओं से 100 रुपए, छोटे व्यावसायिक भवनों से 150-200 रुपए और बड़े संस्थानों से 200-250 रुपए शुल्क लिया जा रहा है। महापौर ने चेतावनी दी है कि कचरा फैलाने वाले लोग पकड़े गए तो जुर्माना और अन्य क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी। शहरवासियों और पर्यटकों की सुविधा और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए नगर निगम धर्मशाला कचरे के उचित निस्तारण पर ध्यान दे रहा है, लेकिन निजी और व्यावसायिक संस्थाओं द्वारा नियमों की अनदेखी से सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
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