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यात्रा पर कांग्रेस हाईकमान की आपत्ति के बीच हरीश रावत का बयान

SHIDDHANT
5 Oct 2026 10:11 PM IST
यात्रा पर कांग्रेस हाईकमान की आपत्ति के बीच हरीश रावत का बयान
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हल्द्वानी। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने अपनी प्रस्तावित यात्रा को लेकर कांग्रेस हाईकमान की कथित आपत्ति पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस संबंध में जानकारी मिल गई है और वह 7 अक्टूबर को पार्टी नेतृत्व से मुलाकात कर अपनी चिंताओं और पक्ष को सामने रखेंगे। हल्द्वानी में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब हरीश रावत से कांग्रेस हाईकमान की यात्रा को लेकर आपत्ति के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, “मुझे जानकारी मिल गई है। मैं 7 तारीख को उनसे मिलने जा रहा हूं। उन्होंने मुझे शाम 7 बजे का समय दिया है। मैं कल के.सी. वेणुगोपाल से मिला था और उनसे फिर मिलूंगा। मैं अपनी चिंताओं को पार्टी हाईकमान के सामने रखूंगा।”
रावत के बयान के बाद अब राजनीतिक नजरें 7 अक्टूबर को होने वाली उनकी बैठक पर टिक गई हैं। उन्होंने फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया कि पार्टी नेतृत्व के साथ बातचीत के बाद यात्रा के कार्यक्रम में कोई बदलाव किया जाएगा या नहीं। उन्होंने इतना जरूर कहा कि वह अपने मुद्दों को कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के सामने रखेंगे। हरीश रावत उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं और राज्य में पार्टी की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। वह उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहने के अलावा केंद्र सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। ऐसे में उनकी राजनीतिक गतिविधियों और कार्यक्रमों पर पार्टी के भीतर भी नजर रहती है।
यात्रा को लेकर पार्टी हाईकमान की आपत्ति से जुड़े सवाल पर रावत ने किसी तरह के टकराव वाला रुख अपनाने के बजाय बातचीत के जरिए अपनी बात रखने की बात कही है। उन्होंने कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल से मुलाकात का भी जिक्र किया और कहा कि उनसे दोबारा बातचीत होगी। इस घटनाक्रम के बीच उत्तराखंड कांग्रेस की आगामी रणनीति को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। राज्य में पार्टी संगठन से जुड़े कार्यक्रमों और वरिष्ठ नेताओं की गतिविधियों को आने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि रावत ने अपने बयान में चुनावी रणनीति या यात्रा को लेकर हाईकमान के अंतिम रुख के संबंध में कोई दावा नहीं किया है।
फिलहाल हरीश रावत ने स्पष्ट किया है कि वह पार्टी नेतृत्व के सामने अपनी चिंताओं और अपनी बात को विस्तार से रखेंगे। इसके बाद ही यह साफ हो सकेगा कि प्रस्तावित यात्रा को लेकर आगे क्या फैसला लिया जाता है। 7 अक्टूबर की बैठक इसलिए महत्वपूर्ण होगी क्योंकि इसमें रावत सीधे पार्टी हाईकमान के सामने अपना पक्ष रखेंगे। बैठक के बाद यात्रा और उससे जुड़े कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस की स्थिति अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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