
हंतावायरस बीमारी ने हाल ही में पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है. एक क्रूज शिप पर यह वायरस फैल गया है. अब उसके यात्री दुनिया के 12-13 देशों में जा चुके हैं. यह वायरस चूहों से फैलता है. इस बार इंसान से इंसान में भी फैलने लगा है. यह एंडीज स्ट्रेन है जो खांसने-छींकने, किस करने या एक ग्लास से पीने से भी फैल सकता है.
अप्रैल महीने में अर्जेंटीना के उशुआइया बंदरगाह से MV Hondius नाम की क्रूज शिप निकली थी. इस पर लगभग 150 यात्री और क्रू थे जो 28 अलग-अलग देशों से आए थे. दो डच यात्री दक्षिण अमेरिका में पक्षी देखने के लिए लैंडिफिल गए थे. वहां उन्हें चूहों से हंतावायरस लग गया. इसके बाद यह वायरस दूसरे यात्रियों में फैलने लगा. अब तक 5 लोगों में इसकी पुष्टि हो चुकी है. तीन की मौत हो गई है. 24 अप्रैल को शिप सेंट हेलेना द्वीप पर रुकी जहां 29 यात्री उतरे. इनमें से एक की लाश भी थी. उस समय किसी को नहीं पता था कि ये लोग हंतावायरस से संक्रमित हो सकते हैं. ये यात्री दुनिया के 12 अलग-अलग देशों में चले गए. अब इन देशों की सरकारें इन यात्रियों को ढूंढ रही हैं. उन्हें आइसोलेट करने की कोशिश कर रही हैं.
हंतावायरस आमतौर पर चूहों के मूत्र, लार या मल से फैलता है. यह हवा में उड़कर इंसान के सांस के जरिए अंदर जा सकता है. कभी-कभी काटने या दूषित खाना खाने से भी फैलता है. लेकिन इस बार जो एंडीज स्ट्रेन मिला है, वह इंसान से इंसान में भी फैल सकता है. चिली के वैज्ञानिकों के अध्ययन के अनुसार, संक्रमित व्यक्ति की थूक, मूत्र और नाक के बलगम में वायरस पाया जाता है. खासकर जब व्यक्ति बहुत बीमार होता है. किस करना, एक स्ट्रॉ से पीना या खांसने-छींकने से भी यह फैल सकता है. एक अध्ययन में पाया गया कि सेक्स पार्टनर में संक्रमण का खतरा घर के अन्य सदस्यों से 10 गुना ज्यादा होता है. लेकिन फिर भी यह सामान्य सर्दी-जुकाम या कोविड जितना आसानी से नहीं फैलता.
सेंट हेलेना से उतरने वाले यात्रियों ने कई देशों की यात्रा की. नक्शे में दिखाए गए देश इस प्रकार हैं- कनाडा, अमेरिका, सेंट किट्स एंड नेविस, यूनाइटेड किंगडम, नीदरलैंड, स्वीडन, डेनमार्क, जर्मनी, स्विट्जरलैंड, तुर्की, सिंगापुर और न्यूजीलैंड.





