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जम्मू-कश्मीर में ओलों का कहर, बांदीपोरा में खड़ी फसलों को नुकसान

SHIDDHANT
8 Oct 2026 10:55 PM IST
जम्मू-कश्मीर में ओलों का कहर, बांदीपोरा में खड़ी फसलों को नुकसान
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बांदीपोरा। जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले में मौसम ने अचानक करवट ली। जिले के कई इलाकों में तेज हवाओं और बारिश के साथ करीब 10 मिनट तक जोरदार ओलावृष्टि हुई। अचानक हुई इस ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है। फसलों को हुए नुकसान के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है। मौसम में आए इस बदलाव ने कृषि गतिविधियों को प्रभावित किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बांदीपोरा जिले के कई हिस्सों में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने लगीं। इसके बाद अचानक ओले गिरने शुरू हो गए। करीब दस मिनट तक चली ओलावृष्टि का असर खेतों में खड़ी फसलों पर पड़ा। तेज हवाओं और ओलों के कारण कई स्थानों पर फसलों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। ओलावृष्टि के कारण किसानों के सामने अपनी फसलों को बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। कृषि उत्पादन पर निर्भर परिवारों के लिए मौसम में अचानक आने वाला इस तरह का बदलाव चिंता का विषय होता है। विशेष रूप से खेतों में तैयार हो रही फसलों के लिए ओलावृष्टि नुकसानदायक साबित हो सकती है।
बांदीपोरा जिले में हुई इस घटना ने एक बार फिर किसानों की मौसम पर निर्भरता को सामने ला दिया है। बारिश और तेज हवाओं के साथ गिरने वाले ओले फसलों की पत्तियों, तनों और तैयार उपज को नुकसान पहुंचा सकते हैं। हालांकि, इस घटना में कितने क्षेत्र की फसल प्रभावित हुई है, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, ओलावृष्टि से होने वाला नुकसान फसल की किस्म, उसकी वर्तमान स्थिति और ओलों के आकार तथा तीव्रता पर निर्भर करता है। कुछ फसलों में पत्तियां और शाखाएं टूट सकती हैं, जबकि कुछ में तैयार उपज की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका रहती है।
जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में मौसम की परिस्थितियां कई बार तेजी से बदलती हैं। ऐसे में अचानक बारिश, तेज हवा और ओलावृष्टि कृषि कार्यों को प्रभावित कर सकती है। किसानों के लिए मौसम संबंधी जानकारी और फसलों की स्थिति पर नियमित नजर रखना महत्वपूर्ण होता है। बांदीपोरा में करीब दस मिनट तक हुई ओलावृष्टि की घटना के बाद किसानों के सामने नुकसान का आकलन करने की चुनौती है। प्रभावित खेतों में फसलों की वास्तविक स्थिति का पता विस्तृत निरीक्षण के बाद ही चल सकेगा।
फिलहाल इस ओलावृष्टि से किसी व्यक्ति के घायल होने या अन्य संपत्ति को नुकसान पहुंचने की पुष्टि नहीं हुई है। उपलब्ध जानकारी मुख्य रूप से खेतों में खड़ी फसलों के नुकसान से संबंधित है। फसलों को हुए नुकसान के बाद किसानों के लिए यह जानना जरूरी होगा कि कितनी उपज प्रभावित हुई है और आगामी कृषि गतिविधियों पर इसका क्या असर पड़ेगा। नुकसान की वास्तविक मात्रा स्पष्ट होने के बाद ही इसके आर्थिक प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा।
इस घटना ने किसानों के लिए मौसम की अनिश्चितता से जुड़ी चुनौतियों को फिर सामने रखा है। कुछ मिनटों की तेज ओलावृष्टि भी कृषि उत्पादन पर असर डाल सकती है। बांदीपोरा में हुई ओलावृष्टि के बाद प्रभावित फसलों की स्थिति और नुकसान के वास्तविक आंकड़ों की जानकारी का इंतजार है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, बांदीपोरा के अजास, हाजिन और बांकूट समेत कई इलाकों में फसलों तथा फलदार बागों को नुकसान पहुंचा है। किसानों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कराने और सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
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