Greater Noida: जेवर एयरपोर्ट पर उड़ान संचालन में देरी, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सेवाओं के बीच खींचतान

ग्रेटर नॉएडा: नोएडा में जेवर एयरपोर्ट से उड़ान घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सेवा के बीच फंस गई है। जेवर एयरपोर्ट के टर्मिनल बिल्डिंग के अधूरे काम की वजह से अब इसके संचालन की तिथि को लेकर कार्यदायी संस्था से लेकर शासन तक में संशय है। घरेलू उड़ान के लिए टर्मिनल बिल्डिंग तैयार करने का लक्ष्य 15 मई और अंतरराष्ट्रीय उड़ान के लिए टर्मिनल बिल्डिंग का काम 15 से 25 जून तक पूरा होने की उम्मीद है। ऐसे में एयरपोर्ट का व्यावसायिक संचालन घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सेवाओं के साथ होगा तो इसकी तिथि जुलाई से सितंबर के बीच हो सकती है। हालांकि इस बात पर भी विचार किया जा रहा है कि मई में एयरोड्म लाइसेंस मिलने और घरेलू उड़ान वाले टर्मिनल का काम पूरा होने के बाद इन सेवाओं के साथ इसकी शुरुआत कर दी जाए। नोएडा एयरपोर्ट को मई के अंतिम सप्ताह तक एयरोड्रोम लाइसेंस मिलने की संभावना है।
संचालन को लेकर निर्णय किया जाना शेष: एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर में भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण का कार्य एडवांस स्टेज में है। ऐसे में एयरपोर्ट के संचालन को लेकर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सेवाओं को लेकर निर्णय किया जाना शेष है। एयरपोर्ट पर वेलिडेशन फ्लाइट के सफल होने के बाद एयरोड्रम लाइसेंस के साथ ही वैमानिकी सूचना प्रकाशन (एआईपी) को लेकर सभी कागजी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। एयरपोर्ट से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि नियमानुसार एयरपोर्ट के व्यावसायिक संचालन से निर्धारित समय से पहले केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की तैनाती होती है। फिलहाल, नोएडा एयरपोर्ट के लिए सीआईएसएफ के 1,030 पद स्वीकृत किए हैं, पर अब तक इनकी तैनाती नहीं हो पाई है। डॉ. अरुणवीर सिंह, सीईओ, नायल ने बताया कि घरेलू उड़ान के लिए 15 मई तक पूरा करने का लक्ष्य है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय उड़ान के लिए टर्मिनल बिल्डिंग को पूरा होने में थोड़ा और समय लगेगा। शर्त अनुसार कंपनी पर 29 सितंबर से प्रतिदिन 10 लाख का जुमार्ना लगाया जा रहा है। यह जुमार्ना संचालन होने तक लगेगा।
डिजाइन सबसे बड़ी बाधा: अधिकारियों के मुताबिक टर्मिनल बिल्डिंग का काम पूरा होने में डिजाइन सबसे बड़ी बाधा बन रही है। टर्मिनल बिल्डिंग में स्टील मोल्डिंग की तकनीकी काम से समस्या बनी है। हालांकि टाटा कंपनी ने 800 से ज्यादा श्रमिक लगा दिए हैं। एयरपोर्ट पर जमीन की उपलब्धता को देखते हुए ज्यूरिख ने इस्तांबुल और बीजिंग एयरपोर्ट का अध्ययन के आधार पर रिपोर्ट तैयार की है। इसमें भविष्य में यात्री क्षमता को देखते हुए 2400 मीटर की दूरी पर छह रनवे बनाने की योजना है। वर्तमान में प्रस्तावित दो रनवे के बीच की दूरी 1600 मीटर की दूरी है।
प्रतिदिन 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा रहा: यापल पर निर्धारित तिथि 29 सितंबर 2024 से संचालन की तिथि तक शर्त व नियम अनुसार प्रतिदिन 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा रहा है। एयरपोर्ट संचालन में निर्धारित समय से करीब आठ महीने से ज्यादा की देरी हो चुकी है। 25 नवंबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेवर में इसका शिलान्यास किया और 15 जून 2022 को एयरपोर्ट का प्रथम चरण के तहत 1334 हेक्टेयर में निर्माण कार्य शुरू हो गया। प्रथम चरण के तहत विमान सेवा के संचालन के लिए 29 सितंबर 2024 की तिथि निर्धारित की गई थी।





