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महिला-नेतृत्व वाले विकास पर सरकार का फोकस, ब्लू इकोनॉमी में भारत की बड़ी छलांग : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

Nil dhankar
28 Jan 2026 1:18 PM IST
महिला-नेतृत्व वाले विकास पर सरकार का फोकस, ब्लू इकोनॉमी में भारत की बड़ी छलांग : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु
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दिल्ली। संसद के बजट सत्र की शुरुआत बुधवार यानी 28 जनवरी से औपचारिक रूप से हो गई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अपने संबोधन में कहा कि भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश बन गया है, जो ब्लू इकोनॉमी में देश की मजबूती को दर्शाता है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि दूध उत्पादन में भारत विश्व में अग्रणी है, जो सहकारी आंदोलन की सफलता का परिणाम है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि किसी भी न्याय व्यवस्था की असली सफलता इस बात से मापी जाती है कि वह नागरिकों में सुरक्षा और भरोसे की भावना कितनी मजबूत करती है। उन्होंने कहा कि सरकार अविकसित क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार काम कर रही है।राष्ट्रपति ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास को बढ़ावा देने के लिए 'विकसित भारत जी राम जी' कानून लागू किया गया है। इसके तहत गांवों में 125 दिनों के गारंटीड रोजगार का प्रावधान किया गया है। साथ ही भ्रष्टाचार और लीकेज रोकने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं। इससे किसानों, पशुपालकों और मछुआरों को नए अवसर मिलेंगे। राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि सिंधु जल संधि का निलंबन आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि मिशन सुदर्शन चक्र के जरिए देश की रक्षा क्षमताओं को और मजबूत किया जा रहा है। साथ ही माओवादी आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों ने निर्णायक कार्रवाई की है। साथ ही मिशन सुदर्शन चक्र पर काम चल रहा है।

राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार का मानना है कि देश का विकास तभी संभव है जब सभी को समान अवसर मिलें। इसी सोच के साथ भारत आज महिला-नेतृत्व वाले विकास के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार जल्द ही 3 करोड़ महिलाओं को 'लखपति दीदी' बनाने का लक्ष्य हासिल करने जा रही है, जिससे महिला सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता को नई मजबूती मिलेगी।

राष्ट्रपति ने आगे कहा कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। 'मेक इन इंडिया' के विजन से बने उत्पाद आज वैश्विक बाजारों तक पहुंच रहे हैं और स्वदेशी को लेकर देशवासियों में भी शानदार उत्साह देखने को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि एआई के दुरुपयोग से पैदा हो रहे खतरों को देखते हुए इस मुद्दे पर गंभीर होना बेहद जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि डीपफेक, गलत सूचना और फर्जी कंटेंट लोकतंत्र, सामाजिक सद्भाव और जनता के भरोसे के लिए बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि सरकार की प्रगतिशील सोच और नीतियों के चलते महिलाएं देश के हर महत्वाकांक्षी क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले देश ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की, जब नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) से महिला कैडेट्स का पहला बैच पास आउट हुआ। राष्ट्रपति ने कहा कि इससे यह विश्वास और मजबूत हुआ है कि देश के विकास और सशक्तीकरण में 'नारी शक्ति' सबसे आगे है। इसके अलावा, राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा, "मेरी सरकार ने 60 हजार युवाओं को सेमीकंडक्टर के लिए ट्रेनिंग दी। साथ ही 10 लाख युवाओं को एआई के लिए ट्रेन किया जा रहा है।" मुर्मु ने आगे कहा, 'सरकार दलितों, पिछड़ों, आदिवासी समुदाय और हर किसी के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। सबका साथ सबका विकास का विजन हर नागरिक की जिंदगी पर सकारात्मक असर डाल रहा है। 2014 की शुरुआत में, सोशल सिक्योरिटी स्कीम्स सिर्फ 25 करोड़ नागरिकों तक पहुंची थीं। सरकार की कोशिशों से अब लगभग 95 करोड़ भारतीयों को सोशल सिक्योरिटी स्कीम्स का फायदा मिल रहा है।"

राष्ट्रपति ने कहा कि मुद्रा योजना के तहत करीब 38 लाख करोड़ रुपए का फंड जारी हुआ है। करीब 12 करोड़ लोन रोजगार के लिए दिए। पीएम स्वनिधि योजना से 72 लाख लोगों को 16 लाख करोड़ रुपए की मदद मिल चुकी है। आज करीब 2 लाख स्टार्टअप पंजीकृत हो चुके हैं। इनमें 20 लाख से अधिक लोग काम कर रहे हैं। इनमें से करीब 40 फीसदी में एक डायरेक्टर महिला है।

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