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Bhopal भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ पूरे राज्य में एक सख्त अभियान शुरू किया है। हाल की एक कार्रवाई में अधिकारियों ने 2,840 जगहों पर निरीक्षण किया। इस दौरान 3,961 एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए और 11 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई। इसके अलावा, पूरे राज्य में 734 पेट्रोल पंपों पर भी निरीक्षण किए गए, जिसके परिणामस्वरूप एक एफआईआर दर्ज की गई।
अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी ने 1.5 लाख घरों और कमर्शियल जगहों को पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन देने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। ये वे जगहें हैं जहां पाइपलाइन का इंफ्रास्ट्रक्चर पहले से मौजूद है, लेकिन कनेक्शन नहीं लिए गए हैं। सरकार ने इन कनेक्शनों को अगले तीन महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
मौजूदा पीएनजी पाइपलाइनों के पास रहने वाले घरेलू और कमर्शियल उपभोक्ताओं से पीएनजी पर स्विच करने का आग्रह किया गया है। तय समय सीमा के भीतर ऐसा न करने पर उनकी एलपीजी सप्लाई बंद की जा सकती है। जिन इलाकों में पाइपलाइनें बिछी हुई हैं, वहां संस्थानों, सुधार गृहों, पुलिस कॉलोनियों, रक्षा प्रतिष्ठानों और औद्योगिक इकाइयों को प्राथमिकता दी जा रही है।
सभी शहरी गैस वितरण संस्थाओं को जिला प्रशासन, नगर निकायों और तेल कंपनियों के सहयोग से कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। आवेदनों और कनेक्शनों की रोजाना निगरानी की जा रही है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने सभी जिला आपूर्ति नियंत्रकों और तेल कंपनी के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पेट्रोल पंपों और एलपीजी वितरण केंद्रों पर कड़ी और लगातार निगरानी रखें।
मंत्री ने जनता को आश्वस्त किया कि मध्य प्रदेश या पूरे देश में जरूरी ईंधनों और कुकिंग गैस की कोई कमी नहीं है। एलपीजी (घरेलू और कमर्शियल), पेट्रोल, डीजल, पीएनजी और सीएनजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। वैध बुकिंग के आधार पर घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति लगातार की जा रही है, जबकि कमर्शियल सिलेंडरों का वितरण सरकार की आवंटन प्राथमिकताओं और भारत सरकार द्वारा तय की गई संशोधित 70 प्रतिशत की सीमा के अनुसार किया जा रहा है। मांग को पूरा करने के लिए राज्य में बॉटलिंग प्लांट ज्यादा समय तक काम कर रहे हैं।
छोटे व्यवसायी, रेहड़ी-पटरी वाले, संस्थाओं और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार ने तेल कंपनियों के माध्यम से प्रवासी मजदूरों, छात्रों और ऐसे ही अन्य समूहों के लिए 5 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर भी उपलब्ध कराए हैं। राज्य सरकार नई पाइपलाइन बिछाने के लिए 'उपयोग के अधिकार' की अनुमतियों को तेजी से मंजूरी दे रही है और आवेदन मिलने के 24 घंटे के भीतर ही मंजूरी दे दी जाती है। अब कोई भी आवेदन लंबित नहीं है।
मंत्री ने नागरिकों से अपील की है कि वे सिलेंडरों पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए खाना पकाने के वैकल्पिक तरीकों को अपनाएं, जैसे कि इंडक्शन कुकटॉप, सोलर कुकर, बायोगैस, 'गोबर-धन' पहल और स्वयं-सहायता समूहों द्वारा तैयार की गई पर्यावरण-अनुकूल 'गो-काष्ठ' (लकड़ी के लट्ठे)।
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