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रेल यात्रियों को सरकार दे रही 47% सब्सिडी : अश्विनी वैष्णव

Nilmani Pal
17 March 2025 5:33 PM IST
रेल यात्रियों को सरकार दे रही 47% सब्सिडी : अश्विनी वैष्णव
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एक यात्री के प्रति किमी यात्रा के लिए ₹1.38 की लागत आती है,लेकिन उनसे सिर्फ 73 पैसे किराया लिया जाता है,यानी 47% सब्सिडी। FY 2022-23 में यात्रियों को ₹57,000 करोड़ की सब्सिडी दी गई, FY 2023-24 प्रोविजनल फिगर में यह करीब ₹ 60,000 करोड़ तक पहुंच गई...

दिल्ली। अपनी तेज स्पीड और आधुनिक सुविधाओं के कारण यात्रियों की पसंद बन रही वंदे भारत ट्रेन की अब स्पीड पर सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि यह ट्रेन उस गति से नहीं दौड़ रही है, जितनी इसके चलते का दावा किया गया था। वंदे भारत की स्पीड पर उठ रहे सवाल पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव खुद सामने आए है। उन्होंने उस कारण को बताया है, जिसकी वजह से इस ट्रेन की रफ्तार कुछ कम हुई है।

पैसेंजर्स के लिए किराया कम रखने हेतु रेलवे ने बड़े प्रावधान किए हैं। आस-पास के देशों की तुलना में हमारे रेलवे का किराया सबसे कम है। पश्चिमी देशों का किराया हमसे 10 से 20 गुना है। हम बहुत कम किराये में अच्छी व सुरक्षित सर्विस देने की ओर उन्मुख हैं।

पिछले होली पर 604 स्पेशल ट्रेनों से 8.5 लाख यात्रियों ने ट्रैवल किया, होल्डिंग एरिया समेत कई सफल प्रयोग हुए।समर सीजन में 12,919 स्पेशल ट्रेनों से 1.8 करोड़ लोगों ने यात्रा की।छठ-दिवाली पर इस मॉडल को दोहराते हुए 8,000 से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं।

इन 10 वर्षों में 5 लाख से अधिक लोगों को रेलवे ने रोजगार दिया है। यदि UPA सरकार से तुलना करें तो पहले यह 4 लाख था। और आज 1 लाख लोगों की भर्ती का कार्य चल रहा है, जिसमें लोको पायलट की भर्ती भी शामिल है।

वर्ष 2025 में रेलवे Scope 1 नेट जीरो भी हासिल करेगा।2030 तक Scope 2 का लक्ष्य है। जितना कार्बन डाई आक्साइड रेलवे उत्सर्जित करता है और जो रेलवे पर्यावरण को लाभ पहुँचाने का कार्य करता है उसे पूर्णतः आफसेट करेगा। नॉन-फॉसिल ऊर्जा का लक्ष्य 2030 है।

संसद सत्र के दौरान कई सदस्यों ने रेल मंत्री से इस संदर्भ में सवाल पूछे है। सांसदों ने रेलमंत्री से पूछा है कि इतनी तेज रफ्तार से चलने वाली ट्रेन की एवरेज स्पीड कम क्यों है? सरकार की क्या योजना है? ट्रेन को पूरी स्पीड से चलाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं? और कब तक यह हो पाएगा? वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की स्पीड कम क्यों हुई, इसके बारे में रेल मंत्री ने जवाब दिया।

रेलमंत्री ने बताया कि ट्रेन की स्पीड सिर्फ इंजन पर ही निर्भर नहीं करती। ट्रेन जिस पटरी पर चलती है, उसकी हालत भी मायने रखती है। रेलवे लाइन को बेहतर बनाने का काम लगातार चल रहा है। उन्होंने कहा कि साल 2014 में सिर्फ 31000 किमी पटरी पर ही ट्रेन 110 किमी प्रति घंटे या उससे ज्यादा की स्पीड से चल सकती थी। अब यह लगभग 80000 किमी हो गया है। यानी अब ज्यादा लंबी पटरियों पर ट्रेन तेज स्पीड से दौड़ सकती है।

दरअसल, चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री में बनी वंदे भारत एक्सप्रेस 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ सकती है। हालांकि, कुछ समय पहले ट्रायल में यह ट्रेन 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ती नजर आई थी, लेकिन इसकी स्पीड कम होने के चलते इस ट्रेन की रफ्तार पर सवाल उठ रहे है। इन दिनों देश भर में 136 वंदे भारत ट्रेन चल रही हैं। यह भारत की सबसे तेज ट्रेनों में से एक है। लगभग सभी रूट पर वंदे भारत को भरपूर यात्री मिल रहे हैं। इस रूट पर ये ट्रेन यात्रियों की पूरी क्षमता के साथ दौड़ रही हैं। हालांकि शुरुआत में कुछ रूट पर यात्रियों की संख्या काफी कम थी, लेकिन अब उन रूट पर भी इस ट्रेन को खूब यात्री मिल रहे हैं।

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