
जानकारी के अनुसार, कानपुर के नौबस्ता निवासी संदीप और सुनील कुमार शुक्रवार रात कार से उन्नाव के बारासगवर थाना क्षेत्र स्थित भगवंतखेड़ा गांव जा रहे थे। वहां सूर्यपाल यादव के घर आयोजित एक शादी समारोह में उन्हें शामिल होना था। चूंकि युवकों को गांव के सटीक रास्ते की जानकारी नहीं थी, इसलिए उन्होंने अपनी कार में गूगल मैप चालू किया और भगवंतखेड़ा की लोकेशन डालकर सफर शुरू कर दिया।
संदीप ने बताया कि गूगल मैप उन्हें मुख्य मार्ग से हटाकर ग्रामीण इलाकों की ओर ले गया। मैप के अनुसार गांव का रास्ता लालकुआं से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर दिखाया जा रहा था। इसी डिजिटल निर्देश के आधार पर वे आनंदी मंदिर से रुझई मार्ग की ओर मुड़ गए। शुरुआत में रास्ता पक्का था, लेकिन धीरे-धीरे सड़क कच्ची और बेहद संकरी होती गई। रात का समय होने के कारण उन्हें रास्ते की गहराई का अंदाजा नहीं हुआ। कुछ दूर आगे बढ़ने के बाद युवकों को अहसास हुआ कि रास्ता केवल पैदल चलने लायक है और वहां से चार पहिया वाहन ले जाना असंभव है। जब उन्होंने कार को वापस मोड़ने का प्रयास किया, तो बीघापुर-रुझई मार्ग पर शारदा नहर के पास अचानक गाड़ी का संतुलन बिगड़ गया। कार फिसलकर सीधे नाले के किनारे की ढलान पर जा अटकी और हवा में लटक गई।
कार को खतरनाक स्थिति में फंसा देख दोनों युवक बुरी तरह घबरा गए और मदद के लिए चिल्लाने लगे। शोर सुनकर पास से गुजर रहे राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को कार से बाहर निकाला। शनिवार सुबह हाइड्रा मशीन की मदद से कार को नाले से बाहर निकाला जा सका।





