भारत
सोना गबन मामला: ED ने 21 ठिकानों पर की छापेमारी, तांबे की प्लेट बताकर सोना निकाला गया
jantaserishta.com
21 Jan 2026 5:57 PM IST

x
आगे की जांच जारी है और ईडी सभी जब्त दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है.
कोच्चि: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कोच्चि जोनल ऑफिस ने मंगलवार को सबरीमाला मंदिर से जुड़े सोने और अन्य संपत्तियों के गबन के मामले में बड़ा छापेमारी अभियान चलाया। ईडी ने केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में कुल 21 ठिकानों पर प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए), 2002 के तहत तलाशी ली।
यह कार्रवाई केरल पुलिस क्राइम ब्रांच द्वारा दर्ज दो एफआईआर के आधार पर शुरू की गई जांच का हिस्सा है, जिसमें त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) के वरिष्ठ अधिकारियों, पूर्व प्रशासकों, निजी व्यक्तियों और जौहरियों की मिलीभगत से सुनियोजित आपराधिक साजिश का खुलासा हुआ है।
प्रारंभिक जांच से पता चला कि सबरीमाला मंदिर की पवित्र सोने की परत चढ़ी कलाकृतियां, जिसमें द्वारपालक मूर्तियों के हिस्से, पीठ (पेडेस्टल) और गर्भगृह के दरवाजे के फ्रेम पैनल शामिल हैं, को आधिकारिक रिकॉर्ड में जानबूझकर केवल 'तांबे की प्लेट' के रूप में दर्ज किया गया। 2019 से 2025 के बीच इन कलाकृतियों को मंदिर परिसर से गुप्त रूप से हटाया गया।
इसके बाद इन्हें चेन्नई और कर्नाटक के निजी ज्वैलरी सुविधाओं, जैसे स्मार्ट क्रिएशन्स और रोड्डम ज्वैलर्स, में ले जाया गया। वहां 'मरम्मत और री-गोल्ड प्लेटिंग' के नाम पर रासायनिक प्रक्रियाओं से सोना निकाला गया। निकाला गया यह सोना अपराध की आय माना जा रहा है, जिसे आरोपियों ने रखा, स्थानांतरित किया और छिपाया।
ईडी की छापेमारी में टीडीबी मुख्यालय (तिरुवनंतपुरम), मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी, पूर्व टीडीबी अध्यक्ष ए. पद्मकुमार, मुरारी बाबू, एन. वासु, तांत्री कंदारारु राजीवरु आदि के आवासों पर तलाशी ली गई। जब्त सामग्री में टीडीबी अधिकारियों द्वारा तैयार महाजर, आधिकारिक रिकॉर्ड, 2019-2024 के बीच के आदेश, पत्राचार, जौहरियों के चालान, भुगतान दस्तावेज और रासायनिक निष्कर्षण से जुड़े वारंटी प्रमाण पत्र शामिल हैं। इनसे मंदिर के चढ़ावे, अनुष्ठानों से जुड़ी व्यवस्थित अनियमितताएं, आय का दुरुपयोग, गुणवत्ता में कमी और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन का भी पता चला है।
मुख्य आरोपी की लगभग 1.3 करोड़ रुपए की आठ अचल संपत्तियां पीएमएलए की धारा 17(1ए) के तहत फ्रीज कर दी गईं। चेन्नई के स्मार्ट क्रिएशन्स परिसर से 100 ग्राम सोने की ईंट भी जब्त की गई। ईडी का उद्देश्य अपराध की पूरी आय का पता लगाना, मनी लॉन्ड्रिंग के रास्ते ट्रेस करना और अन्य लाभार्थियों की पहचान करना है।
यह मामला 2019 से चर्चा में है, जब सोने की परत हटाने का आरोप सामने आया था। केरल हाई कोर्ट की निगरानी में एसआईटी ने अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। ईडी ने 9 जनवरी 2026 को पीएमएलए के तहत ईसीआईआर दर्ज किया था। जांच से पता चल रहा है कि यह केवल सोने का गबन नहीं, बल्कि मंदिर की संपत्ति और चढ़ावे से जुड़े बड़े पैमाने पर घोटाले का मामला है। भक्तों में इस खबर से रोष है, क्योंकि सबरीमाला भगवान अय्यप्पा का सबसे पवित्र तीर्थस्थल है।
आगे की जांच जारी है और ईडी सभी जब्त दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है।
Tagsसबरीमाला सोना गबन मामलासोना गबनईडीईडी छापाSabarimala gold embezzlement casegold embezzlementEDED raid
jantaserishta.com
भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।
Next Story





