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सिरोही। सिरोही क्षय रोग, जिसके बारे में सुनते ही हर किसी के जेहन में पहली बात आती है फेफड़ों में संक्रमण की। जबकि यह सही नहीं है। टीबी शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकती है। केन्द्र सरकार की ओर से वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त करने की मुहिम छेड़ी हुई है, लेकिन टीबी के रोगियों में कमी नहीं आ रही। प्रदेश में वर्ष 2022 जनवरी से दिसम्बर तक 1.69 लाख मरीज क्षय रोग से ग्रसित मिले थे। वहीं वर्ष 2023 में 1.65 लाख रोगी।
इस साल जनवरी से अब तक 37 हजार से अधिक रोगी सामने आ चुके है। वैसे डब्ल्यूएचओ की ओर से विश्व को वर्ष 2030 तक टीबी मुक्त करने के प्रयास किए जा रहे है। टीबी के मरीजों का वर्ष 2016 में पंजीयन जरूरी किया गया था। निजी अस्पतालों में पंजीयन होने लगा। इसके बाद टीबी के रोगियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई। इस वर्ष जनवरी से अब तक प्रदेश में करीब 8800 मरीज निजी अस्पतालों में पंजीकृत हुए। इसी तरह वर्ष 2023 में 41 हजार 500 से अधिक व वर्ष 2022 में 42 हजार 500 से अधिक मरीज निजी अस्तपालों में पंजीकृत हुए थे।
प्रदेश में इस वर्ष इतने मिले रोगी
जिला रोगी
अजमेर- 1860
अलवर- 2745
बांसवाड़ा- 1077
बारां- 592
बाड़मेर- 403
भरतपुर- 1151
भीलवाड़ा- 1405
बीकानेर- 1357
बूंदी- 636
चित्तौड़गढ़- 593
चूरू- 601
दौसा- 652
धौलपुर- 837
डूंगरपुर- 749
गंगानगर- 1020
हनुमानगढ़- 1050
जयपुर प्रथम- ३८२३
जयपुर द्वितीय- 1830
जैसलमेर- 113
जालोर- 809
झालावाड़- 662
झुंझुनूं- 648
जोधपुर- 1835
करौली- 1188
कोटा- 1598
नागौर- 952
पाली- 726
प्रतापगढ़- 354
राजसमंद- 624
सवाई माधोपुर- 792
सीकर- 1123
सिरोही- 443
टोंक- 766
उदयपुर- 2536
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