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Khargone. खरगोन। मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के सनावद शहर में गरबा आयोजन के दौरान बजरंग दल के विरोध का मामला सामने आया है। नवकार पैलेस में आयोजित गरबा कार्यक्रम में कुछ युवतियों और महिलाओं ने बजरंग दल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान बजरंग दल से जुड़े लोगों की आपत्ति के बाद विवाद की स्थिति बन गई। इसके विरोध में गरबा खेलने पहुंची युवतियों ने आवाज उठाई और 'बजरंग दल हाय-हाय' के नारे लगाए। घटना को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा हो रही है।
गरबा पंडाल में अचानक शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, सनावद के नवकार पैलेस में गरबा कार्यक्रम आयोजित किया गया था। यहां बड़ी संख्या में युवतियां और महिलाएं गरबा खेलने पहुंची थीं। इसी दौरान बजरंग दल से जुड़े लोगों की ओर से कार्यक्रम में बजाए जा रहे गानों पर आपत्ति जताए जाने की बात सामने आई है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि संगठन के कार्यकर्ताओं ने कथित आपत्तिजनक गानों को लेकर विरोध किया था। वहीं, कार्यक्रम में मौजूद कुछ युवतियों और महिलाओं ने संगठन के हस्तक्षेप का विरोध करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी।
बजरंग दल वाले गए थे गरबा में, लड़कियों को परेशान करने! पर उल्टे लड़कियों ने ही उन्हें निपटा दिया.. मामला मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के सनावद शहर के नवकार पैलेस' के गरबा पंडाल का है. बजरंग दल हाय हाय के जो नारे लगाए गरबा खेलने गई बच्चियों ने कि गुंडों को भागना पड़ा... https://t.co/WnOCJKZSN7
— Ruby Arun रूबी अरुण (@arunruby08) October 20, 2026
लड़कियों ने लगाए बजरंग दल के खिलाफ नारे
गरबा कार्यक्रम के दौरान युवतियों की नारेबाजी विवाद का मुख्य विषय बन गई। उपस्थित महिलाओं और लड़कियों ने 'बजरंग दल हाय-हाय' के नारे लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया। सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों में कहा गया है कि विरोध के बाद संगठन से जुड़े लोगों को कार्यक्रम स्थल से हटना पड़ा। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इसी तरह लड़कियों को परेशान करने या उनके साथ दुर्व्यवहार किए जाने के आरोपों की भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
गरबा में हस्तक्षेप को लेकर उठे सवाल
इस घटनाक्रम के बाद धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में विभिन्न संगठनों की भूमिका को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। गरबा कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों की सुरक्षा और आयोजकों की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण है। किसी भी विवाद की स्थिति में सभी पक्षों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना आवश्यक है। सनावद की घटना में विवाद की वास्तविक शुरुआत कैसे हुई, इसकी पूरी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है।
पुलिस की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं
फिलहाल इस मामले में किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी या एफआईआर दर्ज होने की पुष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि आयोजन समिति या किसी पक्ष ने पुलिस के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है या नहीं। घटना से जुड़े दावों की पुष्टि के लिए आयोजकों, संबंधित संगठन और पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना जरूरी है।
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