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LCB की बड़ी कार्रवाई कई चोरी की वारदातों का खुलासा
Valsad वलसाड। गुजरात पुलिस की वलसाड जिला लोकल क्राइम ब्रांच (एसीबी) ने वापी के रिहायशी इलाकों में दिन के समय घरों में सेंधमारी और चोरी की कोशिशों की कई घटनाओं को सुलझा लिया है और इन मामलों में पुणे के दो आदतन अपराधियों की पहचान की। पुलिस ने रविवार को बताया कि जांच 29 मई को बलिथा के ऋषिराज कॉम्प्लेक्स में हुई चोरी की घटना के बाद शुरू हुई, जहां एक फ्लैट और उसकी तिजोरी के ताले तोड़कर सोने के गहने और 2.4 लाख रुपए नकद चुरा लिए गए थे।
इसी कॉम्प्लेक्स के एक और फ्लैट और महालक्ष्मी एवेन्यू के दो फ्लैटों में भी ऐसी ही चोरियां हुईं, जिससे इन मामलों में चोरी हुए कैश और गहनों की कुल कीमत 4.75 लाख रुपए थीं। पुलिस को यह भी पता चला कि वापी के गहना अपार्टमेंट में भी लगभग चार फ्लैटों में घुसने की कोशिश की गई थी। वापी जीआईडीसी पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 305(ए) और 331(3) के तहत मामला दर्ज किया गया।
एलसीबी के अनुसार, जांचकर्ताओं ने अपराध वाली जगहों और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की, क्योंकि उन्हें पता चला था कि संदिग्धों ने लाल रंग की पल्सर मोटरसाइकिल का इस्तेमाल किया था। वापी-मुंबई रूट पर 200 से ज्यादा सीसीटीवी रिकॉर्डिंग का विश्लेषण किया गया, जिससे जांचकर्ताओं को दो संदिग्धों की तस्वीरें मिलीं।
संदिग्धों की पहचान पुणे के पिंपरी निवासी 19 वर्षीय यश उर्फ गत्या देशमुख और पिंपरी-चिंचवड़ के पिंपल गुरव निवासी 21 वर्षीय धनंजय उर्फ धनिया उर्फ डीके काले के तौर पर हुई। पुलिस ने बताया कि कोथरूड पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले के सिलसिले में महाराष्ट्र पुलिस ने दोनों को पहले ही 30 जून को गिरफ्तार कर लिया था।
इसके बाद वलसाड पुलिस ने वापी जीआईडीसी मामले के सिलसिले में उनकी कस्टडी ली और घर में घुसकर चोरी करने के कथित अपराधों के लिए उन्हें गिरफ्तार किया। प्रेस नोट में दिए गए पुलिस रिकॉर्ड से पता चलता है कि दोनों आरोपियों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उन पर पुणे, सतारा, सांगली, उस्मानाबाद, लातूर, महाड और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में मामले दर्ज हैं। इन मामलों में चोरी, घर में घुसकर चोरी, डकैती और भारतीय दंड संहिता, भारतीय न्याय संहिता, आर्म्स एक्ट और महाराष्ट्र पुलिस एक्ट के तहत अन्य अपराध शामिल हैं।
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