भारत
सस्ती दवाओं से डिजिटल तकनीक तक भारत पर दुनिया को भरोसा, पीएम मोदी ने गिनाईं देश की उपलब्धियां
jantaserishta.com
13 Oct 2026 12:35 PM IST

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में कहा कि दुनिया सस्ती दवाओं से लेकर प्रतिभाशाली युवाओं तक के लिए भारत पर भरोसा करती है। उन्होंने कहा कि भारत ने दुनिया को शून्य का ज्ञान दिया, लेकिन कभी इसके बदले रॉयल्टी नहीं मांगी। करीब 25 मिनट के संबोधन में उन्होंने वैक्सीन आपूर्ति, डिजिटल तकनीक, आर्थिक सुधारों और गरीबी कम करने के प्रयासों का जिक्र किया। मोदी ने जोर दिया कि असली ताकत दूसरों को सक्षम बनाने और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर देने में है।
भारत की ताकत दूसरों को अवसर देने में है: प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिल्ली में पहली बार आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम को संबोधित किया। करीब 25 मिनट के अपने भाषण में उन्होंने कहा कि भारत अपनी क्षमताओं का इस्तेमाल केवल अपने फायदे के लिए नहीं, बल्कि दूसरे देशों और पूरी मानवता की मदद के लिए करना चाहता है।
मोदी ने कहा कि दुनिया जब कम कीमत पर दवाओं की जरूरत महसूस करती है, तो भारत उसकी मदद करता है। इसी तरह, प्रतिभाशाली युवाओं और कुशल लोगों की जरूरत पड़ने पर भी दुनिया भारतीयों पर भरोसा करती है।
उन्होंने शून्य का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत ने दुनिया को यह महत्वपूर्ण ज्ञान दिया, लेकिन कभी इसके बदले न तो रॉयल्टी मांगी और न ही इसका श्रेय लेने की शर्त रखी। उनके मुताबिक, किसी देश की असली शक्ति इस बात से तय होती है कि वह अपनी ताकत का इस्तेमाल दूसरों को आगे बढ़ाने के लिए कैसे करता है।
कोविड के दौरान 100 से ज्यादा देशों तक पहुंचाई वैक्सीन
प्रधानमंत्री ने कोरोना महामारी के दौरान भारत की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि देश ने 100 से अधिक देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराई। उन्होंने कहा कि भारत चाहता है कि उसकी तकनीकी और औद्योगिक क्षमता का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे।
मोदी ने डिजिटल व्यवस्था का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, तकनीक की मदद से सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजने की व्यवस्था तैयार की गई है। इससे सरकार और नागरिकों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने में मदद मिली है।
एआई और सप्लाई चेन के बीच भरोसेमंद साझेदारों की जरूरत
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया को एक के बाद एक नई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। एक संकट से निकलने की कोशिश चलती है, तभी दूसरी परेशानी सामने आ जाती है।
उन्होंने बताया कि ऊर्जा, खनिज, भुगतान व्यवस्था, तकनीक और सामान की आपूर्ति जैसे क्षेत्र अब देशों के बीच दबाव बनाने के साधन भी बनते जा रहे हैं। इसी बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने के तरीकों को तेजी से बदल रहा है।
मोदी के मुताबिक, ऐसे हालात में दुनिया को ऐसे सहयोगियों की जरूरत है, जिन पर मुश्किल समय में भरोसा किया जा सके। साझेदार देशों को यह विश्वास होना चाहिए कि जरूरत पड़ने पर सामान और जरूरी सेवाओं की आपूर्ति जारी रहेगी और किए गए वादे पूरे होंगे। उन्होंने कहा कि भारत इसी भरोसे और स्थिरता के साथ आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार के पिछले एक दशक के कामकाज का उल्लेख करते हुए दावा किया कि इस दौरान 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य नागरिकों को हमेशा सरकारी व्यवस्था पर निर्भर बनाए रखना नहीं, बल्कि उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होने लायक बनाना है।
मोदी ने भारत के स्टार्टअप क्षेत्र में आए बदलावों की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि नए कारोबार शुरू करने और नवाचार करने के अवसर अब छोटे शहरों तक पहुंच रहे हैं। इससे नए लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि देश में मोबाइल डेटा सस्ता होने से छोटे शहरों और कस्बों के विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई, जानकारी और रोजगार से जुड़ी संभावनाओं तक पहुंच मिली है। प्रधानमंत्री के अनुसार, कनेक्टिविटी का फायदा केवल लोगों को जोड़ने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने उनके लिए नए अवसर भी खोले हैं।
7.8% विकास दर और 700 अरब डॉलर से ज्यादा विदेशी मुद्रा भंडार
आर्थिक स्थिति पर बात करते हुए मोदी ने कहा कि भारत की विकास दर 7.8 प्रतिशत रही है और देश का विदेशी मुद्रा भंडार 700 अरब डॉलर से अधिक है। उन्होंने कारोबार को आसान बनाने और आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार ने दिवालियापन से जुड़े कानून जैसे कदम उठाए हैं और कारोबार के दौरान होने वाली छोटी-मोटी गलतियों को लेकर नियमों में बदलाव किए हैं। उन्होंने कहा कि सुधार करना सरकार के लिए केवल जरूरत नहीं, बल्कि एक पक्का संकल्प है।
मोदी ने यह भी दावा किया कि सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ी है और भ्रष्टाचार कम हुआ है। उनके अनुसार, सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे लोगों तक पहुंचाने से व्यवस्था में बदलाव आया है।
ऊर्जा बदलाव और वैश्विक सहयोग पर भी दिया जोर
प्रधानमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र में भारत की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत जीवाश्म ईंधन से जुड़े लक्ष्य को पूरा करने वाला पहला जी-20 देश बना। उन्होंने इसे केवल किसी लक्ष्य को हासिल करने के बजाय देश की पूरी यात्रा से जुड़ी उपलब्धि बताया।
मोदी नेअंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन और पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली से जुड़े भारत के प्रयासों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत दूसरे देशों के साथ मिलकर काम करने और अपनी क्षमताओं को साझा करने में विश्वास रखता है।
पहली बार भारत में हो रहा ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम
ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम की शुरुआत वर्ष 2018 में ब्लूमबर्ग के संस्थापक माइकल ब्लूमबर्ग ने की थी। इसका उद्देश्य वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा करना और उनके समाधान तलाशना है।
इस साल फोरम की थीम है—‘बदलती दुनिया में ताकत के नए स्रोत तय करना’। तीन दिन का यह कार्यक्रम 15 अक्टूबर को समाप्त होगा। इसमें अलग-अलग देशों के नेताओं, मंत्रियों, उद्योगपतियों, निवेशकों तथा तकनीकी विशेषज्ञों के शामिल होने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में वैश्विक व्यापार, निवेश, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऊर्जा,जलवायुपरिवर्तन और बदलते अंतरराष्ट्रीय आर्थिक समीकरणों जैसे विषयों पर चर्चा होनी है।
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