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वैष्णो देवी मंदिर में ‘नकली चांदी’ चढ़ावे का मामला 4 महीने बाद भी FIR नहीं

SHIDDHANT
22 Sept 2026 10:48 PM IST
वैष्णो देवी मंदिर में ‘नकली चांदी’ चढ़ावे का मामला 4 महीने बाद भी FIR नहीं
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CCTV खंगाल रही पुलिस
Jammu जम्मू। माता वैष्णो देवी मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए कथित 20 टन चांदी के चढ़ावे में मिलावट, अदला-बदली और गड़बड़ी के आरोपों से जुड़े मामले की जांच जारी है। शिकायत के चार महीने से अधिक समय बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। पुलिस ने जम्मू के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत को बताया है कि बड़ी मात्रा में सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक डेटा और 116 पन्नों के आधिकारिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। 19 सितंबर को भवन के डीएसपी की ओर से अदालत में दाखिल स्टेटस रिपोर्ट के मुताबिक, मामले में कई लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अधिकारी, पुजारी, सीआरपीएफ जवान, जम्मू-कश्मीर पुलिस के अधिकारी और सुरक्षा कर्मचारी शामिल बताए गए हैं। हालांकि श्राइन बोर्ड के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के बयान अभी दर्ज किए जाने बाकी हैं।
यह मामला अधिवक्ता दीपक शर्मा की शिकायत से जुड़ा है। शिकायत में करीब 20 टन चांदी के चढ़ावे में कथित मिलावट, अदला-बदली, चोरी और संभावित गबन के आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने इसकी अनुमानित कीमत करीब 550 करोड़ रुपये बताते हुए निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच तथा एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। आरोपों की अभी जांच चल रही है और उनकी पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस ने जांच के दौरान चढ़ावे के संग्रह, छंटाई, रखरखाव, स्ट्रांग रूम में भंडारण और भवन से कटरा तक परिवहन से संबंधित सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के लिए श्राइन बोर्ड से पत्राचार किया है। इसके अलावा चढ़ावे की प्रोसेसिंग से जुड़े आदेश, एसओपी, नियम और अन्य दस्तावेज भी मांगे गए हैं। पुलिस के अनुसार 18 अगस्त को कुल 116 पन्नों का रिकॉर्ड प्राप्त हुआ था। अब इन दस्तावेजों को सीसीटीवी फुटेज और संबंधित लोगों के बयानों से मिलाकर देखा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक डेटा की मात्रा अधिक होने के कारण इसकी व्यवस्थित जांच में समय लग रहा है।
पुलिस ने जांच पूरी करने के लिए अदालत से अतिरिक्त समय मांगा था। अदालत ने स्टेटस रिपोर्ट में बताए गए कारणों को देखते हुए जांच जारी रखने के लिए अतिरिक्त समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 10 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है। शिकायतकर्ता दीपक शर्मा ने मूल सामग्री, नमूनों, सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, मिंट और ऑडिट से जुड़े दस्तावेजों को सुरक्षित रखने की मांग की है, ताकि जांच के दौरान सभी साक्ष्यों की उपलब्धता बनी रहे।
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