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पूर्व सरपंच को गोली मारी गई, गांव में फैली सनसनी

Nilmani Pal
25 Jun 2026 7:28 AM IST
पूर्व सरपंच को गोली मारी गई, गांव में फैली सनसनी
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यूपी। अलीगढ़ में पिता की हत्या का बदला लेने के लिए दो बेटों के सिर पर खून सवार हो गया। दोनों ने खेत पर काम कर रहे पूर्व प्रधान को जान से मारने की नीयत से गोली मार दी। गोली की आवाज से खेत पर काम कर रहे अन्य ग्रामीणों में सनसनी फैल गई। नजर उठाकर देखा तो पूर्व प्रधान खून से लथपथ जमीन पर पड़े थे। आनन-फानन में पूर्व प्रधान को घायल अवस्था में जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने कुछ ही घंटे में मुख्यारोपी योगेश को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका भाई फरार है। जांच में सामने आया है कि 19 साल पहले योगेश के पिता की हत्या हुई थी, जिसमें पूर्व प्रधान जेल गए थे। इसी का बदला लेने के लिए इस घटना को अंजाम दिया गया। हालांकि परिजनों ने आरोपियों पर महिला से छेड़छाड़ व दुष्कर्म का प्रयास करने का भी आरोप लगाया है, जिसकी पुलिस जांच में जुटी है।

हरदुआगंज क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज कराया है। इसमें कहा है कि बुधवार सुबह साढ़े नौ बजे उनके पिता पूर्व प्रधान अपनी पुत्रवधू व नाती के साथ अपने खेत पर मौजूद थे। उसी समय योगेश व उसका भाई मोहित ठाकुर पुत्र महिपाल अपने चार साथियों के साथ वहां आए। गालीगलौज व जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उनके परिवार को अपमानित किया। इसके बाद महिला से छेड़छाड़ करने लगे और दुष्कर्म करने का प्रयास किया। इस दौरान उसके कपड़े खींचने लगे। पूर्व प्रधान ने विरोध किया तो योगेश व मोहित ने उनके सीने में गोली मार दी। दूसरी हाथ में जा लगी। आरोपी फायर करते रहे। मोहित ने तमंचे की बट से उनके सिर पर प्रहार किया, जिससे उनके सिर में भी गंभीर चोटें आई। सूचना पर सीओ अभिषेक पटेल मौके पर पहुंचे। फील्ड यूनिट टीम ने भी साक्ष्य एकत्रित किए। मामले में पूर्व प्रधान के बेटे ने मुकदमा दर्ज कराया है।

गोली की आवाज सुनकर आस पास के लोग दौड़ पड़े। परिजन भी मौके पर आ गए। आनन-फानन में परिजन घायल को हरदुआगंज सीएचसी लेकर आए, जहां से जेएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। वहां सर्जरी के बाद गोली निकाल दी गई। गोली सीने के पास लगते हुए कंधे तक पहुंच गई थी। सीओ अभिषेक पटेल के अनुसार शाम को आरोपी योगेश को गिरफ्तार कर लिया गया। उसने पूछताछ में बताया कि साल 2007 में उसके पिता की गोली मारकर हत्या की गई थी। उस समय वह छह साल का था। भाई भी छोटा था। इस मामले में पूर्व प्रधान समेत तीन लोग जेल गए थे। तीन साल तक बाद ही जेल से बाहर आ गए। बाद में गवाहों के मुकरने पर मुकदमा भी छूट गया और पूर्व प्रधान को दोषमुक्त कर दिया गया। चूंकि हम छोटे थे तो कोई जानकारी नहीं थी कि मुकदमे में कब कैसे क्या हुआ? लेकिन, पिता की हत्या में जेल गए आरोपी को इस तरह खुलेआम घूमते देख मुझे नागवार गुजरता था। उसने लंबे समय से पूर्व प्रधान को मारने की योजना बना ली थी। लेकिन, फादर्स डे पर जब कई लोगों के पिता के साथ स्टेटस देखे तो बेहद भावुक हो गया। उसका खून खौल उठा। उसी दौरान पूर्व प्रधान को मारने की ठान ली। बुधवार को मौका मिलते ही गोली मार दी। पुलिस उसके भाई की तलाश में जुटी है। हालांकि प्रथम दृष्टया विवेचना में सामने आया है कि घटनास्थल पर केवल योगेश मौजूद था। मोहित की भूमिका की जांच की जा रही है।

‘एसपी देहात मनीष कुमार मिश्र का कहना है कि हरदुआगंज क्षेत्र में एक व्यक्ति को गोली मारने की सूचना मिली थी, जो अपने खेत पर काम कर रहे थे। उनकी हालत खतरे से बाहर हैं। परिजनों ने दो भाईयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। मुख्यारोपी योगेश को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने गोली चलाई। दूसरे की तलाश की जा रही है।’

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