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‘विदेशी भारत के मामलों में दखल न दें’, मैरी मिलबेन के आरोपों पर दीपके का जवाब

jantaserishta.com
15 Oct 2026 12:50 PM IST
‘विदेशी भारत के मामलों में दखल न दें’, मैरी मिलबेन के आरोपों पर दीपके का जवाब
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नई दिल्ली: अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन और कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तीखी बहस हुई। मिलबेन ने आरोप लगाया कि CJP को भारत में प्रदर्शन करने के लिए अमेरिकी फंडिंग मिल रही है, जबकि दीपके ने विदेशी नागरिकों के हस्तक्षेप पर सवाल उठाए। दीपके पहले भी संगठन को विदेशी आर्थिक मदद मिलने के आरोपों को खारिज कर चुके हैं। यह विवाद SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे प्रदर्शनों के बीच सामने आया है।
अमेरिकी फंडिंग के आरोप पर मैरी मिलबेन और दीपके आमने-सामने
अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन और CJP संस्थापक अभिजीत दीपके के बीच सोशल मीडिया पर विवाद तेज हो गया है। मिलबेन ने आरोप लगाया कि CJP को भारत में प्रदर्शन करने के लिए अमेरिका से आर्थिक मदद मिल रही है। उन्होंने भारतीय युवाओं से ऐसी कथित ताकतों के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से एकजुट होने की अपील की। हालांकि, विदेशी फंडिंग के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मिलबेन ने दीपके को सलाह दी कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत करें और देश की तरक्की में सकारात्मक भूमिका निभाएं। उन्होंने अपनी पोस्ट में यह भी कहा कि यदि दीपके सफल नहीं होते हैं, तो उन्हें मदद देने वाले अमेरिकी समर्थक उनका साथ छोड़ सकते हैं। मिलबेन ने गैरकानूनी गतिविधियों के जरिए सफलता हासिल करने की कोशिश पर भी सवाल उठाए।
हालांकि, अमेरिकी फंडिंग को लेकर मिलबेन की ओर से लगाए गए आरोपों की पुष्टि इस खबर में उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।
दीपके ने कहा- भारत के आंतरिक मामलों में दखल न दें विदेशी
मैरी मिलबेन के आरोपों पर अभिजीत दीपके ने आपत्ति जताई। उन्होंने सवाल किया कि विदेशी नागरिकों को भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का अधिकार किसने दिया है।
दीपके का कहना है कि भारत अपने मुद्दों को खुद सुलझाने में सक्षम है और उसे इसके लिए बाहरी लोगों की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री मोदी अपने ही देश के नागरिकों को बदनाम करने के लिए अमेरिकियों का समर्थन क्यों ले रहे हैं।
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब विपक्षी दल और CJP स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के विरोध के साथ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। खबर के मुताबिक, इस मुद्दे पर देश के अलग-अलग हिस्सों में करीब 15 दिनों से प्रदर्शन जारी थे।
मोदी के समर्थन में पहले भी बयान दे चुकी हैं मिलबेन
मैरी मिलबेन इससे पहले भी कई मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार के समर्थन में बयान दे चुकी हैं। उनके कुछ प्रमुख बयानों का संबंध किसान आंदोलन, मणिपुर हिंसा, BBC की डॉक्यूमेंट्री और नागरिकता संशोधन कानून से रहा है।
- किसान आंदोलन, फरवरी 2021: मिलबेन ने कृषि कानूनों का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि उन्हें किसानों के जीवन को बेहतर बनाने के मोदी के विजन पर भरोसा है।
- मणिपुर हिंसा, अगस्त 2023: इस मुद्दे पर भी उन्होंने मोदी का समर्थन किया था। उनके बयान में भारत के लोगों के अपने नेता पर भरोसे की बात कही गई थी।
- BBC की डॉक्यूमेंट्री: मिलबेन ने ‘India: The Modi Question’ की आलोचना की थी। इस डॉक्यूमेंट्री में 2002 के गुजरात दंगों के दौरान नरेंद्र मोदी की भूमिका पर सवाल उठाए गए थे।
- CAA और लोकसभा चुनाव, 2024: मार्च 2024 में नागरिकता संशोधन कानून लागू होने पर उन्होंने सरकार के फैसले की तारीफ की थी। लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने मतदाताओं से मोदी को वोट देने की अपील भी की थी।
जून 2023 में प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात मैरी मिलबेन से भी हुई थी।
BJP नेताओं ने भी CJP की फंडिंग पर उठाए सवाल
CJP को कथित विदेशी मदद मिलने का मुद्दा भारत में भी राजनीतिक बहस का हिस्सा रहा है। BJP सांसद निशिकांत दुबे ने अभिजीत दीपके की अमेरिका में हुई पढ़ाई के खर्च पर सवाल उठाए थे। उन्होंने यह भी पूछा था कि क्या उनकी शिक्षा के पीछे अमेरिकी कारोबारी जॉर्ज सोरोस से जुड़ा कोई फाउंडेशन था।
BJP अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी विपक्ष और CJP पर विदेशी मदद के जरिए देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। इसके अलावा, अगस्त 2026 में RTI कार्यकर्ता अमित तिवारी ने दीपके की पढ़ाई के खर्च और CJP के कानूनी सहायता फंड की जांच कराने की मांग की थी।
दीपके ने विदेशी फंडिंग से किया इनकार
अभिजीत दीपके CJP को विदेशी फंडिंग मिलने के आरोपों को पहले ही खारिज कर चुके हैं। उनका दावा है कि संगठन के आंदोलनों का खर्च वह और उनके दोस्त मिलकर उठाते हैं। दीपके के मुताबिक, CJP को किसी बाहरी दानदाता या बड़े उद्योगपति से आर्थिक मदद नहीं मिली है।
दीपके ने भविष्य में संगठन के लिए क्राउडफंडिंग के जरिए धन जुटाने की योजना भी बताई थी। विदेशी फंडिंग के आरोपों पर उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सवाल उठाए। उनका कहना था कि किसी आंदोलन में विदेशी धन आने की स्थिति में उसकी जांच करना और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करना गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी है।
इस तरह, मैरी मिलबेन और अभिजीत दीपके के बीच शुरू हुई बहस अब विदेशी फंडिंग, भारत के आंतरिक मामलों में बाहरी हस्तक्षेप और राजनीतिक प्रदर्शनों को लेकर जारी विवाद से जुड़ गई है। फिलहाल, CJP को अमेरिकी फंडिंग मिलने का आरोप और दीपके का इससे इनकार, दोनों ही इस विवाद के प्रमुख पक्ष बने हुए हैं।
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