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बयानबाजी पर जताई आपत्ति
Delhi दिल्ली: भारत सरकार ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति द्वारा दिए गए हालिया बयान को सख्ती से खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति की टिप्पणी पूरी तरह अनावश्यक और अस्वीकार्य है, और उन्हें भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि भारत किसी भी ऐसे बयान को स्वीकार नहीं करता जो देश की संप्रभुता और आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का प्रयास करता हो। भारत ने दो टूक शब्दों में कहा कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति का इस विषय पर कोई “लोकस स्टैंडी” (locus standi) नहीं बनता।
भारत ने यह भी दोहराया कि देश अपने आंतरिक मामलों को पूरी तरह से लोकतांत्रिक प्रक्रिया और संवैधानिक ढांचे के तहत संभालता है, और किसी बाहरी देश या उसके प्रतिनिधि को इस पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस तरह की टिप्पणियां दोनों देशों के बीच संबंधों को सुधारने के प्रयासों को भी प्रभावित करती हैं। भारत ने पाकिस्तान से आग्रह किया कि वह अपने आंतरिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करे और अनावश्यक बयानबाजी से बचें।
भारत का यह सख्त बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्रीय और कूटनीतिक स्तर पर संवेदनशील मुद्दों पर बातचीत और संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है। भारत ने साफ किया कि वह अपनी संप्रभुता और आंतरिक मामलों पर किसी भी तरह का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं करेगा।
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