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रिश्वतखोरी के आरोप के बाद इंस्पेक्टर पर बड़ी कार्रवाई...घर से क्या मिला?
jantaserishta.com
5 Jan 2026 5:57 PM IST

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कटक: ओडिशा में पुलिस महकमे की साख पर उस वक्त सवाल खड़े हो गए, जब रिश्वत लेते हुए एक पुलिस इंस्पेक्टर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया. भुवनेश्वर में 5 जनवरी को इस मामले की पुष्टि हुई, जिसके बाद तत्काल विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई. ओडिशा के डीजीपी वाई. बी. खुरानिया ने इस पूरे मामले को गंभीर मानते हुए आरोपी अधिकारी को सस्पेंड करने का आदेश दिया. यह कार्रवाई एंटी करप्शन विजिलेंस विंग की गिरफ्तारी के एक दिन बाद की गई. मामला सामने आने के बाद राज्यभर में पुलिस की कार्यप्रणाली पर बहस तेज हो गई है.
सस्पेंड किए गए पुलिस अधिकारी का नाम विजया कुमार बारिक है, जो कटक स्थित सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (CRRI) पुलिस स्टेशन में इंस्पेक्टर-इन-चार्ज (IIC) के पद पर तैनात थे. राज्य पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, बारिक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. इसी के मद्देनजर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है. पुलिस विभाग का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त रुख अपनाना जरूरी है, ताकि सिस्टम में पारदर्शिता बनी रहे.
विजिलेंस विभाग ने विजया कुमार बारिक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया है. यह धारा किसी लोक सेवक द्वारा रिश्वत मांगने या स्वीकार करने से जुड़ी होती है. अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत केस को आगे बढ़ाया जा रहा है. इस कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में अब किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी.
राज्य पुलिस मुख्यालय के आदेश में साफ किया गया है कि निलंबन की अवधि के दौरान विजया कुमार बारिक भुवनेश्वर-कटक के पुलिस कमिश्नर के अनुशासनात्मक नियंत्रण में रहेंगे. हालांकि, नियमों के मुताबिक उन्हें ओडिशा सर्विस कोड के तहत मिलने वाला वेतन भत्ता मिलता रहेगा. विभागीय सूत्रों का कहना है कि जांच पूरी होने तक बारिक की भूमिका और संपत्ति की गहन जांच की जाएगी.
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, रविवार को विजया कुमार बारिक को उस वक्त गिरफ्तार किया गया, जब वह एक लाइसेंसी शराब कारोबारी से 40 हजार रुपये की रिश्वत ले रहे थे. आरोप है कि यह रिश्वत शराब के कारोबार को बिना किसी रुकावट के चलाने की अनुमति देने के बदले मांगी गई थी. जैसे ही पैसे का लेन-देन हुआ, विजिलेंस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें मौके से पकड़ लिया.
गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम ने आरोपी इंस्पेक्टर के पास से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर जब्त कर ली. अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई पूर्व नियोजित ट्रैप के तहत की गई थी. इस दौरान सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया, ताकि मामले में ठोस सबूत अदालत में पेश किए जा सकें. इस खुलासे ने विभाग में हड़कंप मचा दिया.
मामले में बड़ा खुलासा तब हुआ, जब विजिलेंस अधिकारियों ने विजया कुमार बारिक से जुड़े दो ठिकानों पर छापेमारी की. भुवनेश्वर के यूनिट-1 स्थित उनके सरकारी क्वार्टर से करीब 5 लाख रुपये नकद बरामद किए गए. विजिलेंस विभाग अब इस रकम के स्रोत की जांच कर रहा है. अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान और भी अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं.
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