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बाढ़ का खतरा: गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर, 12 जिलों में रेड अलर्ट

jantaserishta.com
20 Jun 2021 6:41 AM GMT
बाढ़ का खतरा: गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर, 12 जिलों में रेड अलर्ट
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मॉनसून की शुरुआती बारिश ने उत्तराखंड का मौसम तो सुहाना कर दिया लेकिन अब लोगों की दिक्कतें भी बढ़ने लगी हैं. पहाड़ों पर लगातार हो रही भारी बारिश के कारण कई इलाकों में गंगा समेत अन्य नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे बाढ़ (Flood) का खतरा मंडराने लगा है.

ऋषिकेश में गंगा (Ganga River) का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है. वहीं, शारदा बैराज (Sharda Barrage) का जलस्तर फिलहाल तो खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन पानी लगातार बढ़ रहा है. पानी बढ़ा तो इसका असर उत्तराखंड के साथ-साथ यूपी के 10 जिलों पर भी पड़ेगा.
ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर बढ़ गया है, जिसके बाद अब बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है. जिसको देखते हुए पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर हैं. गंगा के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट होने को कहा गया है.
चंपावत जिले की शारदा बैराज (Sharda Barrage) में भी पानी खतरे के निशान के पास पहुंचने की आशंका है. अगर यहां पानी खतरे के निशान से पार हुआ तो उत्तराखंड के दो और उत्तर प्रदेश के 10 जिलों पर इसका असर होगा. टनकपुर से SDM ने बताया है कि पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी कर ली गई है.
उत्तराखंड में तीन दिनों से हो रही भारी बारिश (Heavy Rain) ने टेंशन बढ़ा दी है. पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली जिले में हालात अभी से खराब होने लगे हैं. बारिश के चलते रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया. प्रशासन ने नदी किनारे रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए अलर्ट किया है.
भारी बारिश की वजह से कई इलाकों में लैंड स्लाइड भी हुई है. ऋषिकेश बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग लगभग एक दर्जन जगहों पर भूस्खलन के चलते बंद हो चुका है. बागेश्वर में 2 दिन से लगातार भारी बारिश हो रही है, जिससे जिले की 21 सड़कों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट चुका है. 19 गांव की बिजली गुल हो गई है. नौघर स्टेट के पास लैंडस्लाइड आने से दो गाड़ियां सड़क से 100 फिट नीचे बह गईं. बाद में जेसीबी मशीन की मदद से गाड़ियों को बाहर निकाला गया.
साथ ही चारधाम प्रोजेक्ट के तहत बन रहा ऋषिकेश-गंगोत्री नेशनल हाईवे 94 जो कि हाल ही में बना था, चंबा में उसका भी एक हिस्सा बारिश में टूट गया है. फिलहाल सड़क को बंद कर दिया गया है.
बिहार के छपरा में भारी बारिश लोगों के लिए मुश्किलें पैदा कर रही है. एक नाव के डूबने की तस्वीरें सामने आई हैं. नाव मुंगेर के हल्दी छपरा से बालू लादकर डोरीगंज आ रही थी. तब ही बीच लहर में नाव अनियंत्रित होकर गंगा में डूब गई. नाव में करीब 15 मजदूर सवार थे, जिन्होंने तैरकर किसी तरह अपनी जान बचाई.
वहीं, धनबाद में भारी बारिश जनता के लिए मुसीबत बन गई है. झिलिया नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया है. लोगों के घरों में पानी घुस गया है जो लगातार बढ़ता जा रहा है. सैकड़ों परिवार अपने घरों से निकलकर स्कूल, मंदिर और अन्य जगहों पर शरण लिए हुए हैं. प्रशासन की ओर से लोगों की मदद और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम जारी है.


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