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New Delhi. नई दिल्ली। भारत के लिए ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम में भारतीय ध्वज वाला एलपीजी जहाज ‘जग विक्रम’ होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित पार कर गया है। अमेरिका-ईरान के बीच सीजफायर के बाद इस संवेदनशील मार्ग से गुजरने वाला यह पहला भारतीय जहाज बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, ‘जग विक्रम’ शुक्रवार रात से शनिवार सुबह के बीच इस रणनीतिक जलडमरूमध्य से गुजरा। शनिवार दोपहर तक यह पूर्व दिशा में बढ़ते हुए ओमान की खाड़ी में पहुंच चुका था। यह मार्च की शुरुआत के बाद फारस की खाड़ी से बाहर निकलने वाला नौवां भारतीय जहाज है।
बताया गया है कि क्षेत्र में तनाव के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास कम से कम 28 भारतीय जहाज मौजूद थे, जिनमें से 24 पश्चिमी हिस्से और चार पूर्वी हिस्से में थे। अब तक कई जहाज सुरक्षित निकल चुके हैं, हालांकि करीब 15 भारतीय जहाज अभी भी फारस की खाड़ी क्षेत्र में मौजूद बताए जा रहे हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, ‘जग विक्रम’ में करीब 20,400 मीट्रिक टन एलपीजी कार्गो लदा हुआ है और इस पर 24 नाविक सवार हैं। यह जहाज 15 अप्रैल 2026 तक मुंबई पहुंचने की उम्मीद है।
‘जग विक्रम’ एक मध्यम आकार का गैस वाहक जहाज है, जिसकी वहन क्षमता 26,000 टन से अधिक है। इससे पहले भी इस मार्ग से कई भारतीय जहाज सुरक्षित निकाले जा चुके हैं, जबकि कुछ विदेशी जहाज अभी भी फारस की खाड़ी में रुके हुए हैं। भारत की ऊर्जा जरूरतें बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर हैं। देश अपनी कुल कच्चे तेल की जरूरत का लगभग 88 प्रतिशत, प्राकृतिक गैस का करीब आधा और एलपीजी का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है। इन आयातों का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आता है और होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। ऐसे में इस मार्ग की सुरक्षा और संचालन भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। हाल के घटनाक्रम के बाद इस रास्ते से जहाजों की आवाजाही धीरे-धीरे सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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