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कहा- उनकी उपलब्धियों की बराबरी शायद कभी न हो
ज्यूरिख। पुर्तगाल के दिग्गज फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो के अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने के ऐलान के बाद दुनिया भर से उन्हें सम्मान और शुभकामनाएं मिल रही हैं। इसी बीच अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल महासंघ (FIFA) के अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने रोनाल्डो के शानदार करियर की जमकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि रोनाल्डो ने फुटबॉल की दुनिया में ऐसी ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं, जिनकी बराबरी शायद भविष्य में कोई खिलाड़ी नहीं कर पाएगा। रोनाल्डो ने 5 नवंबर 2026 को पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम से संन्यास लेने की घोषणा की। इसके साथ ही उनके लगभग 23 वर्षों के ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय करियर का समापन हो गया। 41 वर्षीय रोनाल्डो ने अपनी प्रतिभा, मेहनत और जबरदस्त गोल करने की क्षमता से विश्व फुटबॉल में विशेष पहचान बनाई।
फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने रोनाल्डो को श्रद्धापूर्वक सम्मान देते हुए कहा कि उनकी विरासत केवल रिकॉर्ड, ट्रॉफियों और गोलों तक सीमित नहीं है। उन्होंने अपने खेल से लाखों युवाओं को प्रेरित किया और यह साबित किया कि कड़ी मेहनत तथा अनुशासन के दम पर असाधारण सफलता हासिल की जा सकती है। इन्फेंटिनो ने रोनाल्डो के छह अलग-अलग फीफा विश्व कप में गोल करने की ऐतिहासिक उपलब्धि का विशेष उल्लेख किया। यह उपलब्धि हासिल करने वाले रोनाल्डो दुनिया के पहले पुरुष फुटबॉलर हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में रोनाल्डो का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
रोनाल्डो ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में पुर्तगाल के लिए 234 मुकाबले खेले और 146 गोल किए। वह पुरुष अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में सबसे अधिक गोल करने वाले खिलाड़ी के रूप में सेवानिवृत्त हुए। उनके नाम राष्ट्रीय टीम के लिए सर्वाधिक मैच खेलने का रिकॉर्ड भी दर्ज है। रोनाल्डो की कप्तानी में पुर्तगाल ने वर्ष 2016 में यूरोपीय चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया था। इसके अलावा टीम ने 2019 और 2025 में यूईएफए नेशंस लीग का खिताब भी जीता। इन सफलताओं ने पुर्तगाल को अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल की मजबूत टीमों में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
हालांकि, रोनाल्डो अपने लंबे करियर में फीफा विश्व कप की ट्रॉफी नहीं जीत सके, लेकिन उनकी उपलब्धियों ने उन्हें फुटबॉल इतिहास के महानतम खिलाड़ियों में शामिल कर दिया। अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से विदाई के बावजूद रोनाल्डो का पेशेवर फुटबॉल सफर जारी रहेगा। वह सऊदी अरब के क्लब अल-नस्र के लिए खेलते रहेंगे। उनके संन्यास के साथ पुर्तगाल फुटबॉल के एक ऐतिहासिक युग का अंत हो गया है।
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