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फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, कम ब्याज पर लोन दिलाने के नाम पर करोड़ों की साइबर ठगी करने वाले 5 आरोपी गिरफ्तार
jantaserishta.com
11 July 2026 5:35 PM IST

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साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई.
नोएडा: नोएडा के फेस-1 थाने की पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कम ब्याज दर पर लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों से प्रोसेसिंग फीस के नाम पर ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल किए जाने वाले मोबाइल फोन, लैपटॉप, चेकबुक, पासबुक, कॉलिंग डेटा, स्क्रिप्ट बुक, बिलिंग बुक और इंटरनेट राउटर समेत अन्य सामान बरामद किया गया है।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 11 जुलाई को फेस-1 की पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की सहायता से की। डी-80, सेक्टर-2 स्थित एक इमारत की पहली मंजिल पर संचालित फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी कर पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पवन कुमार, मोहित, हर्ष शर्मा, स्वाती और प्रीती के रूप में हुई है।
पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई 'ऑपरेशन साइबर वज्र' के तहत की गई। इस अभियान के दौरान थाना स्तर पर प्राप्त करीब 159 संदिग्ध बैंक खातों का विश्लेषण किया गया। विभिन्न बैंकों के 19 रेड जोन और हॉटस्पॉट को चिन्हित करते हुए करीब 2500 मोबाइल नंबरों तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर प्राप्त शिकायतों की जांच की गई। जांच के दौरान सेक्टर-2 स्थित इस कॉल सेंटर की गतिविधियां संदिग्ध मिलने पर पुलिस ने छापेमारी की और पूरे रैकेट का खुलासा कर दिया।
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे उन लोगों का डेटा जुटाते थे, जिन्हें लोन की आवश्यकता होती थी। इसके बाद कॉल सेंटर से उन्हें कम ब्याज दर पर तुरंत लोन दिलाने का झांसा दिया जाता था। विश्वास में लेने के बाद प्रोसेसिंग फीस के नाम पर ऑनलाइन भुगतान कराया जाता था। साथ ही आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाते की जानकारी और ओटीपी भी हासिल कर लिया जाता था। प्रोसेसिंग फीस लेने के बाद न तो पीड़ितों को लोन उपलब्ध कराया जाता था और न ही उनके पैसे वापस किए जाते थे।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गिरोह के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर विभिन्न राज्यों से 10 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने देश के अलग-अलग हिस्सों में कई लोगों को अपना शिकार बनाकर करोड़ों रुपए की साइबर ठगी को अंजाम दिया है। पुलिस अब इनके बैंक खातों, लेन-देन और अन्य सहयोगियों की भी जांच कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
गिरफ्तार आरोपियों में पवन कुमार बुलंदशहर का मूल निवासी है और वर्तमान में सेक्टर-27 नोएडा में रह रहा था। मोहित मूल रूप से बागपत का निवासी है और मयूर विहार फेस-1 में रहता था। हर्ष शर्मा मुजफ्फरनगर का रहने वाला है और सेक्टर-66 स्थित ममूरा में रह रहा था। वहीं, स्वाती सेक्टर-135 और प्रीती सेक्टर-26 नोएडा की निवासी हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पांच मोबाइल फोन, तीन लैपटॉप, छह चेकबुक, एक पासबुक, 160 कॉलिंग डेटा शीट, 11 स्क्रिप्ट बुक, एक बिलिंग बुक और एक इंटरनेट राउटर बरामद किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी की जा रही है।
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