भारत

विदेश मंत्री जयशंकर ने ग्लोबल साउथ की एकजुटता को मजबूत करने का आह्वान किया

jantaserishta.com
23 Sept 2026 8:19 AM IST
विदेश मंत्री जयशंकर ने ग्लोबल साउथ की एकजुटता को मजबूत करने का आह्वान किया
x
संयुक्त राष्ट्र: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 'ग्लोबल साउथ' पर बुरी तरह असर डालने वाले संकटों की चुनौतियों का सामना करने के लिए आपसी एकजुटता को मजबूत करने का आह्वान किया है।
मंगलवार को भारत की ओर से बुलाई गई 'ग्लोबल साउथ' के समान सोच वाले देशों और सहयोगियों की हाई-लेवल मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा, "ग्लोबल साउथ के लिए एकजुटता दिखाने का इससे अहम समय पहले कभी नहीं रहा।"
उन्होंने कहा कि बदलाव लाने और सशक्तीकरण के लिए एकजुटता जरूरी है, क्योंकि "आज ग्लोबल साउथ भले ही वैश्विक संकटों का सामना करने में सबसे आगे हो, लेकिन फैसले लेने की प्रक्रिया में वह पीछे है।"
उन्होंने कहा, "ग्लोबल साउथ को उन फैसला लेने वाले ढांचों का हिस्सा बनने की जरूरत है जो हमारे भविष्य से सीधे जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श करते हैं।" उन्होंने जोर देकर कहा कि "एक साथ कई वैश्विक संकटों के असर से बचने के लिए ग्लोबल साउथ के देशों के बीच बेहतर आर्थिक सहयोग जरूरी है।"
उन्होंने कई ऐसे अहम क्षेत्रों का जिक्र किया जहां ग्लोबल साउथ के देशों को संकटों के असर या 'नॉर्थ' (विकसित देशों) की सत्ता के इस्तेमाल के कारण कार्रवाई करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सप्लाई चेन, फाइनेंस या कनेक्टिविटी में 'अवरोध पैदा करने वाले बिंदुओं' को सही नहीं ठहराया जाना चाहिए, जबकि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत कमर्शियल शिपिंग और समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा की गारंटी के साथ समुद्र को सभी के लिए सुरक्षित बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ को फूड सिक्योरिटी (खाद्य सुरक्षा), खासकर अनाज और फर्टिलाइजर की सप्लाई से जुड़ी चुनौतियों का 'तेजी से समाधान' करना चाहिए। ग्लोबल साउथ को 'निष्पक्ष आर्थिक और व्यापारिक तौर-तरीकों' के लिए काम करना चाहिए, 'जो हमारी उत्पादन क्षमताओं को बढ़ाएं और हमें सिर्फ उपभोक्ता बनकर न रहने दें' और 'औद्योगीकरण के हमारे अधिकार से हमें वंचित नहीं किया जाना चाहिए।'
उन्होंने टेक्नोलॉजी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के ढांचों के लिए 'नॉर्थ' पर निर्भरता कम करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को 'इंसान-केंद्रित' रहना चाहिए और 'हमें ग्लोबल साउथ के सदस्यों के फायदे के लिए अपने यहां विकसित किए गए टूल्स और ढांचों को साझा करना चाहिए।'
उन्होंने कहा कि सिर्फ 'ग्लोबल नॉर्थ' पर निर्भर रहने के बजाय, "इंटरनेशनल सोलर अलायंस और कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे वैकल्पिक ढांचे क्लाइमेट एक्शन (जलवायु कार्रवाई) पर बहुत जरूरी प्रगति ला सकते हैं।"
jantaserishta.com

jantaserishta.com

भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।

    Next Story