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खरगे को कांग्रेस से निकालो! PM मोदी टिप्पणी पर भड़के एकनाथ शिंदे

SHIDDHANT
27 Oct 2026 10:46 PM IST
खरगे को कांग्रेस से निकालो! PM मोदी टिप्पणी पर भड़के एकनाथ शिंदे
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'यह बांग्लादेश, नेपाल या श्रीलंका नहीं, भारत है'
मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई टिप्पणी पर विवाद बढ़ता जा रहा है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार (27 अक्टूबर 2026) को कांग्रेस नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए खरगे को पार्टी से निष्कासित करने की मांग की। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि जब कांग्रेस के नेता ही खरगे की टिप्पणी को गलत बता रहे हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है।
खरगे को पार्टी से निकालना चाहिए- एकनाथ शिंदे
मुंबई में पत्रकारों से बातचीत करते हुए एकनाथ शिंदे ने कहा कि पृथ्वीराज चव्हाण एक अनुभवी और समझदार नेता हैं। वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और राजनीति की मर्यादा को अच्छी तरह समझते हैं।
शिंदे ने कहा, "पृथ्वीराज चव्हाण बहुत समझदार नेता हैं। वे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रह चुके हैं, इसलिए उन्होंने कहा है कि मल्लिकार्जुन खरगे ने गलत कहा है। ऐसे में मल्लिकार्जुन खरगे को पार्टी से निकालना चाहिए।"
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं और राजनीतिक विरोध के नाम पर व्यक्तिगत टिप्पणियां की जा रही हैं।
पीएम मोदी पर टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, यह विवाद बिहार की राजधानी पटना में रविवार को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी से शुरू हुआ था।
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में खरगे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर बोल रहे थे। इसी दौरान दर्शकों में मौजूद एक व्यक्ति की टिप्पणी पर उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को लेकर विवादित शब्दों का इस्तेमाल किया।
इसके बाद भाजपा नेताओं ने खरगे की आलोचना की और उनसे माफी मांगने की मांग उठाई।
पृथ्वीराज चव्हाण ने भी जताई थी आपत्ति
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने भी खरगे की टिप्पणी को अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल कोई भी हो, सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखना जरूरी है।
चव्हाण ने कहा कि खरगे से गलती हुई है और उन्हें अपने बयान पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की ओर से कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ पहले की गई व्यक्तिगत टिप्पणियां भी गलत थीं।
चव्हाण ने कहा कि राजनीतिक विचारधाराओं में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन नेताओं को एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए।
राहुल गांधी पर भी शिंदे ने साधा निशाना
एकनाथ शिंदे ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश और विदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि खराब करने का प्रयास करते हैं।
शिंदे ने कहा कि प्रधानमंत्री देश को विकास के रास्ते पर आगे बढ़ा रहे हैं और गरीबों के कल्याण के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष सरकार की उपलब्धियों को स्वीकार करने के बजाय लगातार आलोचना करने में जुटा है।
उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर सत्ता में वापसी के लिए देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया। हालांकि, ये शिंदे के राजनीतिक आरोप हैं, इनके समर्थन में उन्होंने कोई विशिष्ट प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया।
'यह बांग्लादेश, नेपाल या श्रीलंका नहीं, भारत है'
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने अपने बयान में पड़ोसी देशों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेता भारत में बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका जैसी राजनीतिक परिस्थितियां पैदा करना चाहते हैं।
शिंदे ने कहा, "ये लोग देश में अराजकता और अशांति फैलाना चाहते हैं। इनका उद्देश्य देश को तोड़ना है। ये चाहते हैं कि यहां बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल जैसी स्थिति बने, लेकिन यह भारत है।"
उन्होंने कहा कि भारत एक मजबूत लोकतांत्रिक देश है और देश की जनता राजनीतिक घटनाक्रमों को देख रही है।
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बयान के बाद महाराष्ट्र में सियासी हलचल तेज
खरगे की टिप्पणी को लेकर शुरू हुए विवाद ने अब महाराष्ट्र में राजनीतिक बयानबाजी तेज कर दी है। शिंदे ने जहां खरगे के खिलाफ संगठनात्मक कार्रवाई की मांग की है, वहीं पृथ्वीराज चव्हाण ने सभी राजनीतिक दलों को सार्वजनिक भाषा में संयम बरतने की सलाह दी है।
इस विवाद के बीच राजनीतिक दलों के नेताओं द्वारा एक-दूसरे के खिलाफ इस्तेमाल की जाने वाली भाषा और सार्वजनिक संवाद की मर्यादा पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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