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रायपुर में भाजपा कार्यालय में मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों पर प्रदर्शनी

Shantanu Roy
13 Jun 2026 7:40 PM IST
रायपुर में भाजपा कार्यालय में मोदी सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों पर प्रदर्शनी
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छग
Raipur. रायपुर। रायपुर में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्र निर्माण और जनसेवा को समर्पित 12 गौरवपूर्ण वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक प्रदर्शनी लगाई गई। इस प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेरक व्यक्तित्व, दूरदर्शी नेतृत्व और सेवा भाव को प्रदर्शित किया गया। साथ ही पिछले 12 वर्षों में देश और प्रदेश में हुए विभिन्न विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को भी प्रदर्शनी के माध्यम से दिखाया गया। प्रदर्शनी में सरकार की नीतियों, योजनाओं और
उपलब्धियों
को अलग-अलग चित्रों और विवरणों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया, जिससे आने वाले लोगों को विकास कार्यों की जानकारी मिल सके। पार्टी की ओर से बताया गया कि यह आयोजन प्रधानमंत्री के नेतृत्व में चल रहे विकास कार्यों और ‘मोदी की गारंटी’ के तहत गरीब, युवा, महिला, किसान और जनजातीय समाज के सशक्तीकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को सामने रखने के उद्देश्य से किया गया है। इसमें विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को भी प्रमुखता से दर्शाया गया है। कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं और आगंतुकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और विभिन्न योजनाओं की जानकारी ली।
इसी बीच छत्तीसगढ़ के विकारायगढ़ जिला जेल में बंद एक विचाराधीन बंदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान संजय बघेल के रूप में हुई है, जो ग्राम नवापारा का रहने वाला था। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। परिजनों ने पुलिस पर मारपीट और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। जानकारी के अनुसार संजय बघेल पिछले कुछ दिनों से शराब से जुड़े एक मामले में जेल में बंद था। तबीयत बिगड़ने पर उसे पहले मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मृतक के पिता प्यारेलाल बघेल ने आरोप लगाया कि तीन दिन पहले पुलिस ने उसके बेटे और उसके एक दोस्त को शराब बिक्री के मामले में पकड़ा था। आरोप है कि एक साथी को 40 हजार रुपये लेकर छोड़ दिया गया, जबकि संजय को जेल भेज दिया गया। परिजनों का कहना है कि जेल में उसके साथ मारपीट की गई, जिसके कारण उसकी हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। उन्होंने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन अस्पताल पहुंचे और न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
वहीं गांव के सरपंच नंदकुमार ने भी इस घटना पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह गंभीर लापरवाही का मामला है। उन्होंने मांग की कि यदि जेल के अंदर मौत हुई है तो वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो। सरपंच ने यह भी कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और मृतक परिवार को न्याय मिलना चाहिए। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर प्रशासन और जेल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर जांच की बात कही जा रही है।
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