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जमाकर्ताओं को झूठा आश्वासन दिया
Bhubaneswar भुवनेश्वर। ओडिशा पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने पश्चिम बंगाल से 40 करोड़ रुपए के शेयर ट्रेडिंग धोखाधड़ी मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह जानकारी ईओडब्ल्यू के एक अधिकारी ने शुक्रवार को दी। आरोपी की पहचान अमित मंडल के रूप में हुई है, जो पश्चिम बंगाल के बांकुरा जिले के बिष्णुपुर पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत दक्षिण बोइलापारा का निवासी है। अमित मंडल को 31 दिसंबर को ओडिशा के खुर्दा जिले के सुशांत कुमार दास द्वारा दर्ज कराए गए एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। आरोपी मंडल ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर सुशांत कुमार दास को प्रति माह लगभग 3.5 से 7 प्रतिशत के रिटर्न का आश्वासन देकर शेयर ट्रेडिंग में निवेश करने के लिए प्रेरित किया।
आरोपियों ने दास का विश्वास जीतने के लिए पोस्ट-डेटेड चेक (पीडीसी) जारी करने के अलावा उनके साथ एक समझौता भी किया था। मंडल और उसके सहयोगियों के बहकावे में आकर शिकायतकर्ता ने 2022-2024 की अवधि के दौरान 8.5 लाख रुपए जमा किए। यह जमा राशि आरोपी अमित मंडल के निजी खातों के माध्यम से ली गई थी, जो 'कल्पना फाइनेंशियल सर्विसेज' नामक एक संस्था होने का दावा कर रहा था। दास ने यह भी आरोप लगाया कि यद्यपि शुरू में कुछ महीनों तक पीड़ित को भुगतान किया गया था, लेकिन बाद में इसे रोक दिया गया और आरोपी मंडल फरार हो गया।
शिकायतकर्ता को यह भी पता चला कि मंडल ने ओडिशा में कई अन्य लोगों को भी धोखा दिया था और करोड़ों की जमा राशि का गबन किया था। जांच के दौरान ईओडब्ल्यू के जांचकर्ताओं ने यह पता लगाया कि आरोपी मंडल ने अपने कुछ सहयोगियों के साथ मिलकर आम जनता को शेयर ट्रेडिंग में निवेश करने का झांसा दिया था। आम जनता को जमा राशि देने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से मंडल ने ओडिशा में अपने एजेंटों और सहयोगियों के साथ मिलकर अंगुल और भुवनेश्वर के विभिन्न होटलों में कई बैठकें कीं।
ईओडब्ल्यू के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपी अमित मंडल ने 2020 से 2024 के दौरान ओडिशा के लगभग 500 और पश्चिम बंगाल के 100 जमाकर्ताओं को बहला-फुसलाकर 120 करोड़ रुपए से अधिक की रकम जमा की। फिलहाल, उसे 40 करोड़ रुपए से अधिक की निवेशित राशि वापस करनी है। वह जमाकर्ताओं की नियमित जमा राशि से मासिक रिटर्न का भुगतान करता था। 2023 में, आरोपी रिटर्न का भुगतान करने में विफल रहा और जमाकर्ताओं को झूठा आश्वासन दिया कि उनका पैसा उसकी नवगठित कंपनी कल्पमित कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड में पुनर्निवेश किया जाएगा, लेकिन बाद में वह फरार हो गया, जिससे जमाकर्ता हताश हो गए।"
अमित मंडल शेयर ट्रेडिंग के लिए आईसीआईसीआई और एचडीएफसी बैंकों में रखे अपने निजी खातों में कल्पना फाइनेंशियल सर्विसेज के नाम पर जमा राशि एकत्र करता था, जिसका कोई अस्तित्व ही नहीं है। उन्होंने कल्पमित कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड के खाते के माध्यम से और अपने कुछ सहयोगियों के निजी खातों में भी कुछ धनराशि एकत्र की है। ओडिशा पुलिस ने जांच के दौरान आरोपी मंडल के आईसीआईसीआई खाते में 122 करोड़ रुपए के लेनदेन का पता लगाया।
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