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पुलिस टीम पर शूटरों ने की फायरिंग, जवाबी कार्रवाई में 3 घायल
Amritsar. अमृतसर। पंजाब के अमृतसर में पुलिस ने कथित तौर पर किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहे शूटरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक कार्रवाई के दौरान आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद हुई मुठभेड़ में तीन आरोपी घायल हो गए। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पांच पिस्तौल और 20 जिंदा कारतूस बरामद करने का दावा किया है। अमृतसर के पुलिस कमिश्नर हरमनबीर सिंह गिल ने बताया कि कमिश्नरेट पुलिस ने सबसे पहले नाकेबंदी के दौरान विशाल नामक एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। तलाशी के दौरान उसके पास से .30 बोर की ग्लॉक पिस्तौल बरामद की गई। पुलिस ने जब उससे पूछताछ की तो उसके अन्य साथियों के बारे में जानकारी मिली।
पुलिस कमिश्नर के मुताबिक पूछताछ में पता चला कि विशाल के साथ जुड़े चार अन्य शूटर थांदा रोड इलाके में छिपे हुए हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को एक वारदात को अंजाम देना था और उनके निशाने पर एक व्यक्ति था। हालांकि पुलिस ने संभावित लक्ष्य की पहचान और प्रस्तावित वारदात के बारे में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। सूचना मिलने के बाद सिटी डीसीपी जसकिरण तेजा और डीसीपी जांच प्रभजोत की निगरानी में ऑपरेशन शुरू किया गया। पुलिस टीम ने बताए गए इलाके की घेराबंदी की और आरोपियों से आत्मसमर्पण करने को कहा।
पुलिस कमिश्नर के अनुसार आरोपियों ने अंधेरे का फायदा उठाते हुए पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस की ओर से जवाबी कार्रवाई की गई। इस दौरान तीन आरोपी घायल हुए। पुलिस ने उनकी पहचान पहलवान, शिवम और लवकेश के रूप में बताई है। पहलवान सहित तीनों के पैरों में गोली लगने से चोट आने की जानकारी दी गई है। इनके साथ राजविंदर नामक एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के पास से कुल पांच हथियार बरामद किए गए हैं। इनमें दो .30 बोर ग्लॉक पिस्तौल और तीन बेरेटा पिस्तौल शामिल हैं। इसके अलावा 20 जिंदा कारतूस भी जब्त किए गए हैं। पुलिस अब बरामद हथियारों के स्रोत का पता लगाने में जुटी है।
कमिश्नर गिल ने बताया कि पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर पुलिस की अलग-अलग टीमें छापेमारी कर रही हैं। दो राजपत्रित अधिकारियों को पड़ोसी जिलों में भेजी गई टीमों की निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हथियार आरोपियों तक कहां से पहुंचे, उनके नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और अन्य संदिग्ध कहां छिपे हुए हैं। अधिकारियों के मुताबिक पूछताछ से मिलने वाली जानकारी के आधार पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी। मामले में पुलिस की जांच जारी है।
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